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Bihar: पश्चिम बंगाल में हुए हिंसा के विरोध में हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
Sat, 19 Apr 2025 06:06 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कैमूर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 19 Apr 2025 06:06 PM IST
सार
West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में हुए हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदूवादी संगठनों ने आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान कैमूर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।
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आक्रोश मार्च निकालते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कैमूर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ हिंदूवादी संगठन के द्वारा पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ भभुआ शहर के नगर परिषद मैदान से एकता चौक होते हुए जिला समाहरणालय तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार केशरी और हिंदूवादी संगठन के प्रमुख उत्तम पटेल ने बताया, वक्फ कानून के विरोध में संपूर्ण बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है। हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। राष्ट्रीय विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से क्रियान्वित करने की खुली छूट दी जा रही है, उससे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है।
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इसका स्पष्ट अर्थ है कि वह बहाना था, असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। वहीं, इस उन्मादी भीड़ ने हिंदुओं के दो सौ से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूटकर जलाया। सैकड़ों हिंदू को बुरी तरह घायल किया गया। महिलाओं की सील भंग भी किए गए, जिसके परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा। वहीं, उनके पास जाकर चिंता और सहायता करने के बजाय ममता बनर्जी द्वारा दंगा भड़काने वाले इमाम से मिलकर शरणार्थियों की सुविधा देने की जगह उनको वापस जिहादियों के सामने जबरन परोसने का षड्यंत्र कर रही है।
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इसे लेकर सभी ने नगर परिषद मैदान भभुआ से एकता चौक होते हुए समाहरणालय तक आक्रोश मार्च के साथ जिलाधिकारी कैमूर को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा है। लोगों ने मांग किया कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो। क्योंकि अगर हिंदू, हिंदुस्तान में हिंदू सरकार में सुरक्षित नहीं रहेंगे तो फिर कैसे इंसाफ होगा। इसलिए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो। अन्यथा इस सरकार को बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ जाएगा। वहीं, मौके पर विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष अमित टिंकल, रामायण शास्त्री और अरविंद आर्य सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।