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बिहार: गहन मतदाता पुनरीक्षण का पहला चरण पूरा, 7.24 करोड़ ने जमा किए गणना फॉर्म, 1.2 लाख जमा नहीं हुए
Sat, 26 Jul 2025 04:34 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 26 Jul 2025 04:34 AM IST
सार
पहले चरण में चुनाव आयोग ने बिहार की वर्तमान मतदाता सूची (करीब 7.9 करोड़) के 99.8 फीसदी हिस्से को कवर कर लिया है। आयोग ने बयान जारी कर कहा कि मतदाता सूची में 22 लाख नाम ऐसे हैं जो अब जिंदा नहीं हैं। वहीं 7 लाख के करीब नाम दो या दो से अधिक जगहों पर दर्ज पाए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण शुक्रवार को पूरा हो गया। चुनाव आयोग ने बताया कि पहले चरण में करीब 7.24 करोड़ मतदाताओं ने दस्तावेजों के साथ अपने गणना फॉर्म जमा कराए हैं और इन सभी के नाम पुनरीक्षित मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। इन सभी नामों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।
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शेष बचे मतदाताओं के फॉर्म भी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की रिपोर्ट के साथ डिजिटाइज्ड होने का काम 1 अगस्त की निर्धारित तिथि से पहले पूरा हो जाएगा। करीब 64 लाख लोगों के नाम सूची से कटेंगे। पहले चरण में चुनाव आयोग ने बिहार की वर्तमान मतदाता सूची (करीब 7.9 करोड़) के 99.8 फीसदी हिस्से को कवर कर लिया है। आयोग ने बयान जारी कर कहा कि मतदाता सूची में 22 लाख नाम ऐसे हैं जो अब जिंदा नहीं हैं। वहीं 7 लाख के करीब नाम दो या दो से अधिक जगहों पर दर्ज पाए गए हैं। इसी प्रकार 36 लाख के करीब मतदाता या तो स्थायी रूप से प्रवास कर गए हैं या उनका कोई पता नहीं चल पाया। इस तरह करीब 64 लाख नाम पुनरीक्षित मतदाता सूची से बाहर हो जाएंगे।
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1.2 लाख मतदाताओं ने अब तक गणना फार्म जमा नहीं किए हैं। आयोग ने कहा, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान फॉर्म न भरने वालों, मृतकों और स्थायी रूप से प्रवास कर चुके लोगों की पूरी सूची राज्य के सभी 12 राजनीतिक दलों को 20 जुलाई को ही सौंपी जा चुकी है। यदि इन्हें लगता है कि इनमें कोई त्रुटि है तो गलती को 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाले मसौदा मतदाता सूची में सुधारा जा सकता है।
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आयोग ने कहा, एसआईआर के पहले चरण को सफल बनाने का श्रेय बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी, 38 जिला चुनाव अधिकारी, 243 ईआरओ, 2976 एईआरओ, 77,895 बीएलओ और वॉलंटियर्स और सभी 12 राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनकी ओर से नामित 1.6 लाख बीएलए को जाता है। एसआईआर आदेश के अनुसार एक अगस्त से एक सितंबर के बीच कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल, मसौदा मतदाता सूची में सुधार के लिए शिकायत और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।