Bihar Crime: सिमरिया गंगा घाट पर लूट के दौरान गोलीबारी, समस्तीपुर के श्रद्धालु घायल; पुलिस पर लापरवाही का आरोप
Bihar: पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा और ना ही किसी प्रकार की त्वरित कार्रवाई की गई। पढ़ें पूरी खबर...
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बिहार सरकार द्वारा विकसित प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल सिमरिया धाम में गुरुवार सुबह अपराधियों ने एक श्रद्धालु परिवार को निशाना बनाते हुए लूटपाट और फायरिंग की। समस्तीपुर जिले से गंगा स्नान के लिए पहुंचे एक युवक को बदमाशों ने गोली मार दी, जबकि उसकी मां के गले से सोने की चेन लूट ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
घटना चकिया थाना क्षेत्र के सिमरिया गंगा घाट पर सुबह लगभग 8 बजे की है। समस्तीपुर जिला के मकरदही गांव निवासी संदीप कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ निजी कार से गंगा स्नान के लिए सिमरिया धाम पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मां गाड़ी से उतरीं, दो बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली।
बेटे संदीप ने लुटेरों का पीछा किया, तो बदमाशों ने पहले हवाई फायरिंग की और फिर संदीप के पैर में गोली मार दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल संदीप को इलाज के लिए तत्काल ऐलेक्सिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
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परिजनों का आरोप
संदीप की बहन ने बताया कि वे लोग गंगा स्नान की श्रद्धा से सिमरिया पहुंचे थे। गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने मां का चेन झपट लिया और जब भाई ने विरोध किया तो उसे गोली मार दी गई। उन्होंने कहा कि सिमरिया गंगा घाट एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर वहां कुछ भी नहीं है। अस्पताल में इलाज कर रहे चिकित्सक ने पुष्टि की है कि संदीप को पैर में गोली लगी है और उसका इलाज जारी है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
स्थानीय लोगों में रोष
घटना के बाद सिमरिया घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि सिमरिया धाम में आए दिन इस तरह की आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। घाट पर न तो कोई स्थायी पुलिस चौकी है और न ही नियमित गश्ती की व्यवस्था।
पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
घटना के संबंध में चकिया थाना पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस को सूचना मिलने के बाद भी देर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।