Bihar: सपने में आया बाबा का बुलावा! पति की आंखों की रोशनी घटी तो बेटे संग शुरू की यात्रा, मां बनी सेवादार
सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रही हैं।
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सावन की अंतिम सोमवारी पर असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। बांका जिले के फुल्लीडुमर की सोनी कुमारी अपने पति मंटू कुमार और 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रही हैं। परिवार का कहना है कि पिछले कई वर्षों से उन्हें सपने में दंडवत यात्रा करते हुए देवघर जाने का दृश्य दिखाई देता था। शुरुआत में उन्होंने इसे महज सपना समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन परिवार में आंखों से जुड़ी परेशानियां शुरू होने के बाद उन्होंने इसे बाबा का बुलावा मानकर यात्रा का संकल्प लिया।
छह-सात साल पहले पहली बार आया था सपना
सोनी कुमारी ने बताया कि करीब छह-सात साल पहले उन्हें पहली बार सपना आया था, जिसमें वह दंडवत देते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम जा रही थीं। उन्होंने यह बात अपने पति को बताई, लेकिन परिवार ने इसे सामान्य सपना मानकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
करीब तीन साल पहले उन्हें दोबारा वही सपना आया। इसी दौरान उनके पति मंटू कुमार की आंखों में परेशानी शुरू हो गई और धीरे-धीरे उनकी नजर कमजोर होती चली गई। कई डॉक्टरों से इलाज कराने के बावजूद उनकी समस्या में सुधार नहीं हुआ।
करीब 15-20 दिन पहले सोनी कुमारी को फिर वही सपना आया। इसके बाद परिवार ने इसे बाबा बैद्यनाथ का बुलावा मानते हुए दंडवत यात्रा करने का संकल्प लिया।
बेटे की आंखों में भी शुरू हुई परेशानी
इसी बीच 11 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने की शिकायत होने लगी। बेटे की आंखों की परेशानी के बाद परिवार का विश्वास और मजबूत हुआ और उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के दरबार में दंडवत यात्रा करने का निर्णय लिया।
सोनी कुमारी ने बताया कि वह आठ माह की गर्भवती हैं। इसलिए वह खुद दंडवत नहीं कर रही हैं, बल्कि परिवार के साथ सेवादार के रूप में चल रही हैं। उनके पति मंटू कुमार और बेटा अंकुश दंडवत यात्रा कर रहे हैं।
पति और बेटे के साथ दंडवत कर रही है परिवार
मंटू कुमार ने बताया कि उन्हें भी बार-बार सपने में बाबा धाम जाने और दंडवत करने का दृश्य दिखाई देता था। इसके बाद परिवार में आंखों की परेशानी समेत दूसरी समस्याएं सामने आने लगीं। ऐसे में उन्होंने बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जाने का फैसला किया।
परिवार को उम्मीद है कि बाबा बैद्यनाथ उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और उनके बेटे की आंखों की परेशानी भी दूर होगी। परिवार की एक अन्य इच्छा बेटी के सुख की भी है।
‘बाबा के दरबार में दंडवत यात्रा करने का निर्णय लिया’
सोनी कुमारी ने बताया, “छह-सात साल पहले सपना आया था कि हम दंडवत देते हुए जा रहे हैं। पति को बताया तो उन्होंने कहा कि ऐसे ही सपना आता है। करीब तीन साल पहले फिर वही सपना आया। इसके बाद पति की आंखों की रोशनी कम होने लगी। काफी इलाज कराया, लेकिन परेशानी बनी रही।” उन्होंने आगे बताया, “15-20 दिन पहले फिर सपना आया। इसी बीच बेटे की आंखों में भी जलन, दर्द और धुंधला दिखाई देने लगा। इसके बाद हमने बाबा के दरबार में दंडवत यात्रा करने का निर्णय लिया। मैं आठ माह की गर्भवती हूं, इसलिए खुद दंड नहीं काट रही हूं और परिवार के साथ सेवादार के रूप में चल रही हूं।”
‘बाबा के दरबार जाना ही है’
मंटू कुमार ने कहा, “बार-बार सपना आ रहा था कि दंडवत देकर बाबा धाम जा रहे हैं। बाद में आंखों की समस्या और दूसरी परेशानियां आने लगीं। इसलिए सोचा कि बाबा के दरबार जाना ही है।” परिवार का कहना है कि उन्हें बाबा बैद्यनाथ पर पूरा भरोसा और आस्था है। उन्हें विश्वास है कि बाबा उनकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे और परिवार की परेशानियां दूर होंगी।