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Bihar News: मुंगेर में गंगा का रौद्र रूप, निचले इलाकों के गांव और घरों में फैलने लगा बाढ़ का पानी
Mon, 24 Aug 2026 07:40 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 07:40 PM IST
सार
Bihar Flood News: मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। हवेली खड़गपुर का कृष्णा नगर गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। लोग छतों और सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
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बाढ़ के पानी से घिरा गांव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुंगेर में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच निचले इलाकों के गांवों और घरों में पानी घुसना शुरू हो चुका है। हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र का कृष्णा नगर गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुका है। लोग ऊंचे स्थानों और सड़कों पर शरण लेने लगे हैं।
बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि दो दिनों में अचानक बाढ़ का पानी बढ़ा और घरों में घुस गया। फिलहाल वे छतों या सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सड़क किनारे अस्थायी आशियाना बनाकर रह सकें। मुंगेर सदर प्रखंड, धरहरा, जमालपुर, बरियारपुर और हवेली खड़गपुर की दर्जनों पंचायतें हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलती हैं। हालांकि, इस बार अभी तक कुछ ही क्षेत्रों में पानी फैला है, लेकिन जिस तरह गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे इन इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका से लोग भयभीत हैं।
बाढ़ की आहट से प्रशासन अलर्ट
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तत्काल सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। डीएम ने सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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यह भी पढ़ें: सरकारी अफसर ने आंदोलनकारियों पर की आपत्तिजनक टिप्पणी; माफी मांगी, मगर CM नाराज
नाव से लेकर कम्युनिटी किचन तक की तैयारी पूरी
प्रशासन की ओर से नावों का निबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुओं के चारे, कम्युनिटी किचन और बाढ़ से विस्थापित होने की स्थिति में आश्रय स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट भी मंगवा ली गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में कटाव-रोधी कार्य भी कराए जा रहे हैं।
SDRF-NDRF और गोताखोरों की तैनाती
आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने एसडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोरों की भी प्रतिनियुक्ति कर दी है। प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर और संभावित बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। वहीं, ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर में होने वाली अगली बढ़ोतरी पर टिकी है।
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बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि दो दिनों में अचानक बाढ़ का पानी बढ़ा और घरों में घुस गया। फिलहाल वे छतों या सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सड़क किनारे अस्थायी आशियाना बनाकर रह सकें। मुंगेर सदर प्रखंड, धरहरा, जमालपुर, बरियारपुर और हवेली खड़गपुर की दर्जनों पंचायतें हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलती हैं। हालांकि, इस बार अभी तक कुछ ही क्षेत्रों में पानी फैला है, लेकिन जिस तरह गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे इन इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका से लोग भयभीत हैं।
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बाढ़ की आहट से प्रशासन अलर्ट
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तत्काल सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। डीएम ने सभी एसडीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
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नाव से लेकर कम्युनिटी किचन तक की तैयारी पूरी
प्रशासन की ओर से नावों का निबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुओं के चारे, कम्युनिटी किचन और बाढ़ से विस्थापित होने की स्थिति में आश्रय स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट भी मंगवा ली गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में कटाव-रोधी कार्य भी कराए जा रहे हैं।
SDRF-NDRF और गोताखोरों की तैनाती
आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने एसडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोरों की भी प्रतिनियुक्ति कर दी है। प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर और संभावित बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। वहीं, ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर में होने वाली अगली बढ़ोतरी पर टिकी है।