Lok Sabha : राजद ने पीएम पर कसा तंज, कहा- प्रधानमंत्री हताश और निराश हो चुके हैं, अधिकारियों से कहा- डरिये मत
Bihar news : पीएम बार-बार बिहार आ रहे हैं। तेजस्वी यादव के द्वारा जो कार्य किये गये हैं उसके कारण ही मजबूरन वह बिहार आ रहे हैं और लोगों को भ्रम में रखने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हताश और निराश हो चुके हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो0 मनोज कुमार झा ने संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में पांच चरणों के चुनाव के बाद बदलाव की ललक स्पष्ट रूप से दिख रही है। बच्चा-बच्चा, चप्पा-चप्पा यह कह रहा है कि नौकरी मतलब तेजस्वी, विकास मतलब तेजस्वी जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुद्दों से भटकाने के लिए अब टोटी, लोटा, भैंस, बिजली काटने और मंगलसूत्र छीनने की बात से आगे बढ़कर यह कहने लगे हैं कि उन्हें परमात्मा ने दूत के रूप में भेजा है। इस तरह की बात करने वालो को घर के लोग भी पसंद नहीं करते हैं और कहते हैं कि अब इन्हें बेहतर चिकित्सा की आवश्यकता है।
इस वजह से पीएम बार बार आ रहे हैं बिहार
मनोज कुमार झा ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार बिहार आ रहे हैं। तेजस्वी यादव द्वारा जो कार्य किये गये हैं उसके कारण ही मजबूरन वह बिहार आ रहे हैं और लोगों को भ्रम में रखने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हताश और निराश हो चुके हैं,इसीलिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अधिकारियों को दिया आश्वासन- डरिये मत
मनोज कुमार झा ने सारण चुनाव पर अधिकारियों से कहा कि डरिये मत और किसी के दबाव में काम मत करिये। जिस व्यक्ति की बात सुन रहे हैं वो व्यक्ति अर्श से फर्श पर जल्द ही आने वाला है। सभी अधिकारियों को भारत के संविधान पर विश्वास करके मजबूत संकल्पों के साथ बिना भेद-भाव के काम करना चाहिए। कोई भी अधिकारी संविधान के दायरे से बाहर जाकर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है, तो उन्हें समझ लेना चाहिए कि संविधान को बचाने वाले इस तरह का प्रतिकार करेंगे। इन्होंने कहा कि सच तो यह है कि बिहार में तंत्र-मंत्र और षडयंत्र उनका है और शासन और प्रशासन भी उन्हीं का है। लेकिन भारत का संविधान सभी को बेहतर ढंग से काम करने का अधिकार देता है। अगर कोई गलत करेंगे तो उनपर निगाह है।