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Bihar News: कर्मभूमि एक्सप्रेस में पति-पत्नी को उचक्कों ने बनाया बंधक, रेल मदद पर की शिकायत

Sun, 07 May 2023 04:08 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 07 May 2023 04:08 PM IST
सार

पीड़ित दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कोच में कई उचक्के युवक चढ़े थे। उचक्कों ने उनके साथ ट्रेन में दुर्व्यवहार किया। उन लोगों को सीट पर ही बंधक बनाकर रखा था। बोगी और शौचालय के लिए भी जाने को रास्ता नहीं दे रहे थे। उनके कई बार आग्रह के बावजूद वह उनकी बातों को अनसुना कर दे रहे थे।

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Husband and wife held hostage in Karmabhoomi Express train in Bihar, complaint on rail help
पीड़ित दीपक कुमार सिंह और उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर में 12408 अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में एक दंपति से दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। यात्री दीपक कुमार सिंह और उनकी पत्नी माता वैष्णो देवी की यात्रा कर समस्तीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान उनसे उचक्कों ने दुर्व्यवहार किया। इस मामले को लेकर दीपक कुमार सिंह ने रेल मदद यानी 139 पर शिकायत की। इसके बाद मुजफ्फरपुर में आरपीएफ और जीआरपी ने उनकी मदद की। हालांकि, वह समस्तीपुर जाने के बजाए मुजफ्फरपुर में ही उतर गए। जहां से वह बस से मुधबनी के कुनौली बॉर्डर के लिए निकल गए।

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जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर कर्मभूमि एक्सप्रेस आई थी। आरपीएफ और जीआरपी इंजन से सटे दूसरे कोच में दीपक कुमार सिंह को खोज रहे थे। इस दौरान वह आरपीएफ को मिले। अपनी शिकायत कर रहे थे कि उचक्के कोच से उतरकर भाग निकले हैं। इसके बाद दीपक कुमार सिंह ने अपनी मर्जी से मुजफ्फरपुर में ही कर्मभूमि एक्सप्रेस को छोड़ दिया।
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दीपक कुमार सिंह ने बताया कि कोच में कई उचक्के युवक चढ़े थे। उचक्कों ने उनके साथ ट्रेन में दुर्व्यवहार किया। उन लोगों को सीट पर ही बंधक बनाकर रखा था। बोगी और शौचालय के लिए भी जाने को रास्ता नहीं दे रहे थे। उनके कई बार आग्रह के बावजूद वह उनकी बातों को अनसुना कर दे रहे थे। उन युवकों ने पूरा गेट और शौचालय को जाम कर रखा था। रास्ता देने के लिए कहने पर उल्टी-पुल्टी बात कर धमकाने लग गए थे। इससे वे दोनों भयभीत भी हो गए थे। इसकी शिकायत रेल मदद 139 पर की। उसके बाद दिल्ली, पटना और फिर मुजफ्फरपुर में आरपीएफ और जीआरपी से सहयोग मिला। दीपक कुमार ने इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी को धन्यवाद भी कहा।

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