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Satta Ka Sangram: एनडीए ने किया कोई मतभेद न होने का दावा, किसानों की आत्महत्या पर महागठबंधन ने दागे सवाल

Sat, 25 Oct 2025 05:45 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Sat, 25 Oct 2025 05:45 PM IST
सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी माहौल गर्म है। इसीक्रम में अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ शनिवार को समस्तीपुर में पहुंचा। यहां शाम को राजनेताओं से कई मुद्दों पर बात हुई। चलिए बता रहे हैं किसने क्या बोला...?

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Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025 Satta Ka Sangram politics What are the issues of Samastipur?
समस्तीपुर पहुंचा अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में सियासी पारा हर दिन चढ़ता ही जा रहा है और इस बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ समस्तीपुर की धरती पर पहुंचा। 25 अक्तूबर की शाम को राजनेताओं से जनता के मुद्दे पर सवाल पूछे गए। इसके साथ ही उनके दावों-वादों को तोला गया कि किसके पक्ष में सियासी हवा बह रही है। जनता की उम्मीदें और सवाल क्या हैं? बात दें, इससे पहले सुबह स्थानीय लोगों से चाय पर चर्चा का चुनावी कार्यक्रम हुआ, फिर दोपहर में युवाओं से भी बात की गई है। 

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चाय पर चर्चा
'यहां का माहौल NDA के पक्ष में है'
समस्तीपुर के स्थानीय निवासी अनिल राय ने कहा कि यहां का माहौल NDA के पक्ष में है। उन्होंने बताया, "यहां के लोग रोजगार चाहते हैं। खाद्य सुरक्षा मिली है और महिलाओं को 10,000-10,000 रुपए दिए गए हैं। इसका फायदा NDA को होगा।" वहीं, संदीप कुमार ने कहा, "इस बार हम बदलाव चाहते हैं और NDA के साथ नहीं हैं। हम तेजस्वी यादव की सरकार चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आरक्षण के मामले में NDA की सोच सही नहीं है और वे निजीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।"
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'बिहार की सत्ता कंपते हाथों में नहीं देंगे'
अमरनाथ कुमार ने कहा, "हम बदलाव चाहते हैं और इस बार सरकार बदलना चाहते हैं। तेजस्वी यादव की सरकार में रोजगार मिलेगा। तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में बहुत काम किया था।" उन्होंने आगे कहा, "तेजस्वी यादव ने कई कठिन फैसले लिए हैं, जो आसानी से कोई नहीं कर सकता। हम इस बार बिहार की सत्ता कंपते हाथों में नहीं देंगे।"


ये भी पढ़ें-Satta ka Sangram Live: समस्तीपुर पहुंचा चुनावी रथ, चाय पर चर्चा के दौरान मतदाता बोले- बदलाव चाहते हैं

'अब बदलाव की जरूरत है'
 राजीव कुमार ने कहा, "इस बार हम बदलाव चाहते हैं। यहां के युवाओं को रोजगार चाहिए।"  रामाशीष राय ने कहा, "इस बार हम बदलाव चाहते हैं। हम चाचा (नीतीश कुमार) को बदलना चाहते हैं और उन्हें कंपते हाथ में सत्ता में नहीं आने देंगे।" संजय कुमार ने कहा, "हम बदलाव चाहते हैं। 20 साल हो गए हैं और अब बदलाव की जरूरत है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।" रोशन यादव ने कहा, "इस बार तेजस्वी यादव को मौका मिलना चाहिए। इस बार उनकी सरकार बननी चाहिए।"

ये भी पढ़ें- Satta Ka Sangram: समस्तीपुर में चुनावी चर्चा, रोजगार और शिक्षा समेत कई मुद्दों पर खुलकर बोले युवा

युवाओं की बात
'यहां सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और शिक्षा'
स्थानीय निवासी मोहित ने कहा, "समस्तीपुर में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और शिक्षा है। मैं खुद नौकरी की तलाश में हूं, इसलिए चाहता हूं कि यहां रोजगार के अच्छे मौके बनें और नौकरियों में पारदर्शिता रहे।"आबिद ने कहा, "नीतीश कुमार ने तब ही नौकरी देना शुरू किया, जब वे राजद के साथ जुड़े थे और तेजस्वी यादव ने नौकरी देने की बात कही थी। विकास के नाम पर लोगों को ठगा गया है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार नहीं हुआ और न ही कोई अच्छा अस्पताल बना है।"
'लालू यादव ने हमारी समाज में पहचान और सम्मान बढ़ाया है'
सोनू कुशवाहा ने कहा, "इस बार समस्तीपुर में करीब 90 फीसदी लोग तेजस्वी यादव के साथ हैं। तेजस्वी यादव इस बार जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लालू यादव ने हमारी समाज में पहचान और सम्मान बढ़ाया है।" राजीव रंजन पांडे ने कहा, "बीजेपी ने 2014 में झूठे वादों के सहारे जीत हासिल की थी। अब बिहार में बीजेपी को 20 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिलेगा।" अब्दुल समद ने कहा, "समस्तीपुर में अभी भी विकास की कमी है। यहां सड़कों की हालत खराब है और हर जगह जाम की समस्या बनी रहती है।"

'आने वाले समय में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे'
जदयू के प्रवक्ता ने मौके पर सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जब नीतीश कुमार की सरकार बिहार में आई थी, तब यहां सिर्फ 3 से 4 लाख सरकारी नौकरियां थीं। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 18 लाख हो गई है। हमने वादा किया है कि आने वाले समय में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने बिहार में जंगलराज का दौर देखा है। पहले हमें कपड़े खरीदने के लिए पटना तक जाना पड़ता था, लेकिन अब हर जिले में मॉल और दुकानें हैं। अगर जंगलराज वापस आया, तो ये सारी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। इसके अलावा, 2005 के बाद से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है।"




राजनीतिक चर्चा
'एनडीए में  कोई मतभेद नहीं '

कर्पूरी ठाकुर की धरती पर सियासी पारा गर्म है। चर्चा के दौरान भाजपा के मनोज जायसवालने कहा कि नीतीश के नेतृत्व में कोई मतभेद नहीं है। कर्पूरी ठाकुर को जो सम्मान दिया गया है, इसके लिए हम सब शीर्ष नेतृत्व के आभारी हैं। पीएम मोदी का यहां आना खुशी की बात है। वहीं, एनडीए समर्थक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नीतीश का राज्य कायम रहेगा। फिर से उनको सीएम बनाएंगे।

'20 साल से सरकार ने किसान और गरीबों के लिए कुछ नहीं किया'
वहीं, माले के सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यहां की रीढ़ किसान और मजदूर हैं। नीतीश सरकार ने चीनी कारखाना खोलने के लिए कहा था, लेकिन आज तक वह चालू नहीं हो पाया। यहां से हजारों लोग नौकरी के लिए बाहर जाते हैं। 20 साल में यह सरकार गरीब किसान और मजदूरों के लिए कुछ नहीं कर पाई है। यहां तेजस्वी की सरकार बनेगी। उन्होंने पांच लाख नौकरी देने का काम कम समय में किया है। महिला के खाते में 2500 रुपये देने की बात कही, तो नीतीश ने तेजस्वी की नकल की। जो-जो वे कहते गए, उनकी नकल नीतीश करते गए हैं।

इंद्रजीत कुमार ने कहा कि समस्तीपुर में बदलाव होगा। 20 वर्षों से विकास नहीं हुआ है। वहीं, भाजपा के सुनील कुमार ने कहा कि समस्तीपुर को सीवान बनने से बचाएं। यहां जंगलराज है। मेरी युवाओं से अपील है कि यहां जमीन हड़पने का काम किया जा रहा है।

'चीनी कारखाना बंद होना बड़ा मुद्दा'
अमित कुमार कहते हैं कि यहां विकास का मुद्दा है। चीनी कारखाना बंद होना भी बड़ा मुद्दा है। वहीं, भाजपा समर्थक ने कहा कि जब यहां चीनी कारखाना, पेपर मिल, जूट कारखाना बंद हुआ, तो वह लालू की सरकार के समय बंद हुआ था। और उन लोगों ने इसे ऐसे बंद किया कि यह आज तक नहीं खुल पाया। पूर्व की सरकार ने इसे चालू करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया।

'हर महीने देश में 600 किसान आत्महत्या करते हैं'
इसी दौरान, महागठबंधन के एक समर्थक राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार में जंगलराज है। सुशासन का दम भर रहे हैं। इनकी सरकार में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं। रेप हो रहे हैं। सबसे ज्यादा 13 प्रतिशत पलायन बिहार में है। एनडीए वाले लोग सफेद झूठ बोलते हैं। हर महीने देश में 600 किसान आत्महत्या करते हैं और ये विकास की बात करते हैं। साइनिंग इंडिया की बात करते हैं।







 

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