Satta Ka Sangram: समस्तीपुर में चुनावी चर्चा, रोजगार और शिक्षा समेत कई मुद्दों पर खुलकर बोले युवा
Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव नजदीक आते ही माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है। इसी के तहत, अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ शनिवार को समस्तीपुर पहुंचा।
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स्थानीय निवासी मोहित ने कहा, "समस्तीपुर में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और शिक्षा है। मैं खुद नौकरी की तलाश में हूं, इसलिए चाहता हूं कि यहां रोजगार के अच्छे मौके बनें और नौकरियों में पारदर्शिता रहे।"आबिद ने कहा, "नीतीश कुमार ने तब ही नौकरी देना शुरू किया, जब वे राजद के साथ जुड़े थे और तेजस्वी यादव ने नौकरी देने की बात कही थी। विकास के नाम पर लोगों को ठगा गया है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार नहीं हुआ और न ही कोई अच्छा अस्पताल बना है।"
सोनू कुशवाहा ने कहा, "इस बार समस्तीपुर में करीब 90 फीसदी लोग तेजस्वी यादव के साथ हैं। तेजस्वी यादव इस बार जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लालू यादव ने हमारी समाज में पहचान और सम्मान बढ़ाया है।" राजीव रंजन पांडे ने कहा, "बीजेपी ने 2014 में झूठे वादों के सहारे जीत हासिल की थी। अब बिहार में बीजेपी को 20 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिलेगा।" अब्दुल समद ने कहा, "समस्तीपुर में अभी भी विकास की कमी है। यहां सड़कों की हालत खराब है और हर जगह जाम की समस्या बनी रहती है।"
जदयू के प्रवक्ता ने मौके पर सवालों का जवाब देते हुए कहा, "जब नीतीश कुमार की सरकार बिहार में आई थी, तब यहां सिर्फ 3 से 4 लाख सरकारी नौकरियां थीं। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 18 लाख हो गई है। हमने वादा किया है कि आने वाले समय में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने बिहार में जंगलराज का दौर देखा है। पहले हमें कपड़े खरीदने के लिए पटना तक जाना पड़ता था, लेकिन अब हर जिले में मॉल और दुकानें हैं। अगर जंगलराज वापस आया, तो ये सारी सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। इसके अलावा, 2005 के बाद से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया गया है।"