बिहार: महरैल स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की मांग, ग्रामीणों का धरना; रेलवे ट्रैक पर आंदोलन की चेतावनी
मधुबनी के झंझारपुर-लौकहा रेलखंड स्थित महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद विहार स्पेशल ट्रेन संख्या 04013/04014 के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों और रेल यात्रियों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ठहराव नहीं होने से यात्रियों को करीब 15 किलोमीटर दूर दूसरे स्टेशनों पर जाना पड़ता है।
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मधबुबनी के झंझारपुर-लौकहा रेलखंड के महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद विहार स्पेशल ट्रेन संख्या 04013/04014 के ठहराव की मांग को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और रेल यात्री शामिल हुए। लोगों ने महरैल स्टेशन पर ट्रेन के नियमित ठहराव की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महरैल और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली समेत अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। ट्रेन का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय कर दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी मिहिर ठाकुर ने बताया कि वे लोग करीब छह महीने से लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन संख्या 04013/04014 का ठहराव महरैल रेलवे स्टेशन पर सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी। इस मांग को लेकर कई बार झंझारपुर सांसद रामप्रीत मंडल, विधायक और मंत्रियों से भी गुहार लगाई जा चुकी है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने रेलवे से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द महरैल स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव की व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो अगला आंदोलन प्लेटफॉर्म पर नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक पर किया जाएगा।
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वहीं, बहरीण स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोपाल शंकर ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि इस संबंध में समस्तीपुर डीआरएम से बात हुई है। सांसद की ओर से अनुशंसा किए जाने के बाद ट्रेन के ठहराव पर विचार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की यह मांग रेलवे और जनप्रतिनिधियों के स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और महरैल स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव को लेकर कब तक निर्णय लिया जाता है।