फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News : PM narendra Modi statement about FPO and Khagaria in Bhagalpur bihar

Bihar News : भागलपुर में पीएम मोदी ने लिया खगड़िया का नाम; किसानों के लिए क्या हो रहा काम, जानें यहां

Mon, 24 Feb 2025 07:07 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, खगड़िया Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Mon, 24 Feb 2025 07:07 PM IST
सार

Bihar : भागलपुर पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान खगड़िया जिले का भी नाम लिया। उन्होंने एफपीओ यानि किसान उत्पादक संगठन का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के मूल कृषि उत्पादन मक्का, केला और धान के लिए यहां के किसान रजिस्टर्ड हो रहे हैं। 

विज्ञापन
Bihar News : PM narendra Modi statement about FPO and Khagaria in Bhagalpur bihar
खगड़िया के किसान - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी ने सोमवार को भागलपुर में किसान निधि सम्मान योजना की किस्त को जारी किया। इस दौरान उन्होंने खगड़िया का भी नाम लिया, जिसमें उन्होंने एफपीओ यानि किसान उत्पादक संगठन का जिक्र करते हुए कहा कि खगड़िया के मूल कृषि उत्पादन मक्का, केला, धान के लिए यहां के किसान रजिस्टर्ड हो रहे हैं। इसका  लाभ भी उनको मिल रहा है। तो आईए जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खगड़िया का क्यों नाम लिया और यहां के किसान एफपीओ पर कैसे काम करते है। साथ ही यह भी जानते हैं कि एफपीओ से जुड़ने वाले किसानों को इससे क्या क्या फायदा मिल रहा है।

विज्ञापन

विज्ञापन


12 एफपीओ खगड़िया में है संगठित
 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) खगड़िया में 12 अभी तक रजिस्टर्ड हैं। जिनको कृषि विभाग के आत्मा के द्वारा संगठन विस्तार और मार्केटिंग के लिए मदद दी जा रही है। इससे जुड़ने वाले किसानों को संगठित रुप से उनके फसल के उपज और उसके बिक्री को लेकर सहायता मिलती है। इस संगठन से जुड़कर किसान अपनी फसल की सही कीमत पा रहे हैं। उप परियोजना निदेशक आत्मा सह जिला कृषि विपनन पदाधिकारी भारत भूषण की मानें तो विभाग ऐसे संगठनों से जुड़े किसानों को कृषि की बारीकी एवं बाजार में उत्पादन बेचने में मदद करती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पहुंच रहा है आर्थिक फायदा
 खगड़िया जिले मूलत: तीन फसल मक्का, केला और धान की उपज के लिए सूबे में ही नहीं बल्कि देश में जाना जाता है। जो यहां के किसानों के आय का मूल साधन भी है। लेकिन इन फसलों के उपज की सही कीमत नहीं मिलने से किसानों को कभी कभी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। लेकिन जो किसान एफपीओ के तहत संगठित हो जाते हैं उनको बाजार में उनके  फसल की सही कीमत मिलती है। उप-परियोजना निदेशक (आत्मा) की माने तो इस संगठन में अन्य किसान भी शामिल हो सकते हैं। इसमें जुड़ने वाले किसानों को विभाग की तरफ से सभी जानकारी मुहैया कराई जा रही है। फसल के उपज से लेकर बाजार में उनके उत्पादन की कीमत समय समय पर किसानों को दी जा रही है। जिससे उनको आर्थिक फायदा पहुंच रहा है।

Bihar News : PM narendra Modi statement about FPO and Khagaria in Bhagalpur bihar
केले की खेती - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

60 हजार हेक्टेयर में होती है मक्के की फसल
 खगड़िया जिले में प्रतिवर्ष करीब 50 हेक्टेयर में मक्के का फसल उपज किया जाता है। कृषि जानकारों की माने तो प्रति एकड़ इसकी उपज औसतन 40 क्विंटल है। याने प्रति वर्ष जिले में इसका सालाना एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होता है। जबकि प्रतिवर्ष केले का उत्पादन यहां करीब 38 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जबकि धान की फसल प्रतिवर्ष 20 हजार हेक्टेयर भूमि में होती है। 

जाने क्या है एफपीओ
एफपीओ का मतलब है किसान उत्पादक संगठन। यह संगठन छोटे किसानों को कृषि से संबंधित सभी जरुरी जानकारी मुहैया कराता है। यह संगठन एक सहकारी समिति के रुप में काम करती है। जिसके अध्यक्ष व सचिव के अलावे कई अधिकारियों का चयन होता है। यह पूरा संगठन कृषि विभाग की देखरेख में चलाया जाता है। जानकारी दे दें कि किसान उत्पादक संगठनों के पीछे की अवधारणा यह है कि किसान, जो कृषि उत्पादों के उत्पादक हैं, समूह बना सकते हैं और भारतीय कंपनी अधिनियम के तहत खुद को पंजीकृत कर सकते हैं।
(इनपुट- अभिजीत सिन्हा, खगड़िया)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed