HMPV Advisory : चीनी वायरस HMP को लेकर बिहार सरकार अलर्ट, जनता को बचाने के लिए जारी की गई सलाह
Virus : बेंगलुरु में दो शिशुओं में एचएमपीवी वायरस पाया गया है, जिसके बाद अब बिहार सरकार सतर्क हो गई है। ऐसे में एचएमपीवी बीमारी से बचने के लिए सरकार ने हेल्थ एडवायजरी का पालन करने का आह्वान किया है।
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पटना के डीएम ने लोगों से एचएमपीवी बीमारी से बचने के लिए सरकार द्वारा निर्गत हेल्थ एडवायजरी का पालन करने का आह्वान किया है। उन्होंने पटना के सिविल सर्जन को श्वसन-तंत्र एवं बुखार के मरीजों के समुचित उपचार के लिए अस्पतालों का बेहतर ढंग से संचालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि लोगों को पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है। मानकों के अनुसार जिला प्रशासन के द्वारा सभी तैयारी की गई है। मॉनिटरिंग की भी सुदृढ़ प्रणाली विकसित की गई है। आप सतर्क रहें, सजग रहें तथा एडवायजरी का अनुपालन करें।
क्या है एचएमपीवी
एचएमपीवी एक सामान्य श्वसन वायरस है, जिसका लक्षण कोविड-19 के समान है। यह सबसे पहले नीदरलैंड में वर्ष 2001 में पाया गया। एचएमपीवी रोग का लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद, गले में खरास और सांस लेने में तकलीफ होना है। इस रोग का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने अथवा छींकने से फैलता है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति को छूने एवं संक्रमित वस्तुओं के मुँह, आँख अथवा नाक के संपर्क होने से फैल सकता है। विगत कई दिनों से चीन के कुछ प्रदेशों में सांस संबंधी लक्षण वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। चीन इसे मौसमी इन्फ्लुएंजा बता रहा है। वर्ष 2024 में मलेशिया में 327 MPV केस प्रतिवेदित हुआ था। भारत में दिसम्बर, 2024 में SARI का 714 केस प्रतिवेदित हुआ था जिसमें 9 मामले Lab Test में HMPV Positive पाये गये थे।
ऐसे करें बचाव
एचएमपीवी से बचाव कोविड-19 के समान ही है। इससे बचाव के लिए हाथों को साबुन एवं पानी से लगातार धोना चाहिए। गंदे हाथों से आँख, नाक अथवा मुँह को नही छूना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखना चाहिए। खांसते एवं छींकते वक्त मुंह को रूमाल से ढंकना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए वस्तुओं को लगातार साफ करना चाहिए। संक्रमणकी अवधि में खुद को घर में ही अलग रखना चाहिए। छोटेबच्चे, 60 वर्षों से अधिक उम्र वाले व्यक्ति तथा कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति के लिए विशेष एहतियात बरतना चाहिए।