Karakat Lok Sabha : आरके सिंह की धमकी से भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह डर गए? नामांकन की तस्वीरें कुछ और कह रहीं
Bihar News : हवा उड़ी कि पवन सिंह को दिल्ली बुलाकर भाजपा के दिग्गजों ने समझाया। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने उन्हें काराकाट से चुनाव नहीं लड़ने के लिए खरी-खरी सीख दी। फिर भी, पवन सिंह ने गुरुवार को भारी हुजूम के साथ सासाराम पहुंचकर नामांकन भरा।
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पवन सिंह नहीं माने। न भारतीय जनता पार्टी के दिग्गजों का कहा। न ही केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की धमकी उन्हें रोक सकी। गुरुवार को भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने काराकाट लोकसभा सीट पर भारी हुजूम के साथ नामांकन के लिए सासाराम में रोहतास समाहरणालय पहुंचे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में महज एक सीट पर चुनाव लड़ने का मौका पाने वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा इस सीट पर प्रत्याशी घोषित हैं। उन्होंने पवन सिंह को सोशल मीडिया पर माहौल बनाने वाला बताया था, लेकिन गुरुवार को ऐसे सवालों का जवाब नामांकन पर्चा दाखिल करने के दौरान मिल गया। मतलब, काराकाट लोकसभा सीट पर बड़ा संग्राम छिड़ने वाला है।
पहली सूची में पीएम मोदी के साथ थे पवन सिंह
भाजपा में शामिल होते ही भोजपुरी सिने स्टार पवन सिंह को भाजपा ने सबसे पहले आसनसोल से चुनाव लड़वाने की घोषणा की, लेकिन पवन सिंह ने आसनसोल से भाजपा के टिकट पर लड़ने से इंकार कर दिया। पवन सिंह पीछे हट गये। उनकी चाहत भोजपुर से चुनाव लड़ने की थी लेकिन आरा में कद्दावर और केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह पहले से भाजपा के प्रबल उम्मीदवार हैं इस वजह से पवन सिंह की आस भाजपा से टूट गई। पहली सूची में पवन सिंह पीएम मोदी के साथ थे लेकिन आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ने के निर्णय के कारण उनकी भाजपा से दूरी बढ़ने लगी।
काराकाट सीट उपेंद्र कुशवाहा की पहली पसंद
काराकाट सीट का नाम पहले बिक्रमगंज हुआ करता था, जो रोहतास जिला में है। 2008 के परिसीमन के बाद इसका नाम काराकाट हो गया। लोकसभा चुनाव 2014 में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया था। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट को रालोसपा यानी उपेन्द्र कुशवाहा को दे दिया था। उपेंद्र कुशवाहा एनडीए के प्रत्याशी के रूप में लड़े और उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के कांति सिंह को एक लाख से भी ज्यादा वोटो से हराया था। हालांकि फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में जदयू के महाबली सिंह ने तब महागठबंधन में रहे उपेंद्र कुशवाहा को लगभग 85 हजार मतों से हरा दिया। अब इस बार उपेन्द्र कुशवाहा वापस एनडीए में हैं और उनकी पसंदीदा काराकाट सीट भाजपा ने जदयू ने अपनी पार्टी के सांसद को बेटिकट कर उपेन्द्र कुशवाहा को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में इस सीट पर एनडीए का खासा प्रभाव देखा गया था और इसी वजह से पिछली हार के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उपेंद्र कुशवाहा का अपना अस्तित्व भी यहां मजबूत है।
भोजपुर के लोकसभा सीट के उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने पवन सिंह को खरी-खरी धमकी दी थी। भाजपा नेता ने कहा था कि अगर पवन सिंह काराकाट से चुनाव लड़ते हैं तो भारतीय जनता पार्टी उन्हें पार्टी से बाहर निकाल देगी। उन्होंने कहा कि पवन सिंह काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी से अनुरोध करेंगे कि उन्हें पार्टी से निष्कासित करें। आर के सिंह ने उन्हें यह बातें जगदीशपुर के टाउन हाल में मंगलवार को राजग कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कहा था। उसी दौरान आरके सिंह ने पवन सिंह को लेकर कहा था कि या तो वह बैठ जाएं या अगर काराकाट से चुनाव लड़ेंगे तो उनको पार्टी से निष्कासित करा देंगे।