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शताब्दी का दुर्लभ योग बन रहा है 12-12-12 को

कानपुर/ब्यूरो

पिछले साल जिस तरह से 11-11-11 का क्रेज था ठीक उसी प्रकार का क्रेज 12-12-12 को लेकर बना हुआ है। इस दिन कई महिलाओं ने डिलेवरी के लिए अपने डॉक्टर से डेट भी बुक करा रखी है। इस तरह का क्रेज बनना स्वभाविक भी है क्योंकि सदी का दुर्लभ योग 12 दिसम्बर 2012 को बन रहा है।

12-12-12 तिथि का योग फिर से सौ साल बाद यानी 12 दिसम्बर 2112 को बनेगा। तिथि के साथ ही साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी 12-12-12 को दुर्लभ दिन माना जा रहा है। 12-12-12 के दिन सिंह लग्न है और चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगा। सिंह लग्न का स्वामी सूर्य है और वृश्चिक का स्वामी मंगल। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार दोनों ही अग्नि तत्व राशि है। दोनों के बीच मित्रवत संबंध भी होता है इससे यह एक अच्छी स्थिति है।

अंक ज्योतिष के अनुसार अंक 12 गुरू का अंक है क्योंकि 1 और 2 के योग से अंक तीन बनता है। अंक तीन को गुरू के प्रभाव क्षेत्र में माना जाता है। अंक बारह में सूर्य का अंक 1 और चन्द्रमा का अंक 2 शामिल है। यह भी एक अच्छा संयोग है। वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष को मिलाकर देखें तो इस दिन चन्द्रमा वृश्चिक राशि में होगा जिसका स्वामी मंगल है।

12-12-12 को जोड़े तो अंक 9 प्राप्त होगा। अंक 9 का स्वामी भी मंगल है। यानी इस दिन का भाग्यांक 9 आएगा। इसलिए इस दिन जन्म लेने वाले व्यक्ति ओजस्वी और एक्टिव होंगे। योग्यता और कार्य क्षमता से यह अपनी तकदीर लिखने वाले होंगे। 

ज्योतिषाचार्य विधुशेखर पांडे के अनुसार 12 बृहस्पति का अंक होने के कारण यह अंक ज्ञान, तर्क तथा अध्यात्म के विकास का प्रतीक है। इस दिन भगवान शिव और लक्ष्मीजी की आराधना करने से वर्षभर सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होगी एवं बाधाओं से मुक्ति मिलेगी’।

मिस्र की अंक ज्योतिष में 12 नंबर को फांसी पर लटके एक व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है। जिसमें न सिर्फ उस व्यक्ति के बुरे कार्यों का परिणाम दिखाया गया है बल्कि उसकी आत्मा को मुक्त होते दर्शाया गया है। इसका तात्पर्य एक साकारात्मक बदलाव है। जिसमें पुराने सभी अवगुण अथवा दोष नष्ट हो जाते हैं। इस तरह अंक 12 बुराई से अच्छाई की ओर बदलाव का प्रतीक है।
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