विधायक शिव अरोरा ने मंत्री बनाने का ऑफर देकर तीन करोड़ मांगने के प्रकरण की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व उनकी छवि को बदनाम करने की साजिश हो सकती है। सोमवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में विधायक अरोरा ने बताया कि 13 फरवरी को जब फ्राड व्यक्ति की कॉल आई थी तो वह काशीपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कॉलर ने खुद को जय शाह बताया तो वह सचेत हो गए थे। कॉलर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व देश के गृह मंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का नाम ले रहा था। इससे उनको लगा कि इसके पीछे कोई राष्ट्रीय षड्यंत्र या विपक्षियों की साजिश हो सकती है। कॉलर ने मंत्री बनाने का ऑफर देते हुए अगले दो दिन में दिल्ली आकर तीन करोड़ रुपये देने की बात कही थी। कहा था कि जिसको रुपये देने हैं, उसका नाम व नंबर दिया जाएगा। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल ही एसएसपी को इस मामले को गंभीरता से जांचने के लिए कहा गया था। उन्होंने खुद भी एसएसपी को विस्तार से जानकारी दी थी।विधायक ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत छवि को बदनाम करने का षड्यंत्र हो सकता है। इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। इस घटना के पीछे कौन मास्टरमाइंड है और कौन लोग हैं, इसका खुलासा होना चाहिए। पुलिस जांच कर रही है और एक युवक से पूछताछ हो रही है।