नैनीताल। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा कमेटी की ओर से गुरुद्वारे की निजी दीवार से आपातकालीन द्वार बनवाए जाने की पहल पर बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा एवं गोवर्धन समिति पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। विवाद देख कार्य कर रहे पीडब्ल्यूडी के मजदूर व अन्य वहां से चले गए। गुरुद्वारा प्रबंधन का कहना है कि यह धार्मिक संस्था व श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। जरूरत पड़ी तो प्रबंधन न्याय के लिए उच्चाधिकारियों के समक्ष गुहार लगाएगा। गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा के महासचिव अमरप्रीत सिंह का कहना है पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह कई बार यहां आ चुके हैं, राष्ट्रपति के आगमन पर वह भी यहां आई। इन मौकों पर प्रशासन, पुलिस आदि की ओर से आपातकालीन द्वार की बात उठी। इसी कारण लोनिवि की ओर से गुरुद्वारे की दीवार से एक आपातकालीन द्वार का निर्माण किया जा रहा था। समीप में गोवर्धन कीर्तन हॉल होने के कारण समिति पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया। समिति से जुड़ी पालिकाध्यक्ष डॉ.सरस्वती खेतवाल भी वहां पहुंची और विरोध जताया। उपाध्यक्ष दीपक गुरुरानी का कहना है कि उन्होंने गेट आगे की ओर बनाने को कहा, लेकिन वहां पारंपरिक ध्वज होने के कारण दिक्कत हो रही है। गुरुद्वारा महासचिव का कहना है कि पूर्व में यहां आपातकालीन द्वार था, दो आज भी है, लेकिन समिति की ओर से भवन के नव निर्माण में यहां सीढ़ी बनने से यह बंद हो गया। बातचीत से समस्या का हल न होने पर उच्चाधिकारियों के समक्ष मुद्दा रखा जाएगा। इस मौके पर गुरुद्वारा एवं समिति पदाधिकारी मौजूद रहे।