सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में घायलों की जान बचाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से एसजीआरआर विद्यालय में फर्स्ट रिसपांड ट्रैनिंग प्रोगाम का आयोजन किया। विभाग ने एसडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दुर्घटनाओं में एंबुलेंस या डॉक्टर के पहुंचने से पहले प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने की जानकारी दी। शनिवार को एसजीआरआर जयकंडी कालेश्वर में आयोजित फर्स्ट रिस्पांड ट्रैनिंग का शुभारंभ आरटीओ प्रवर्तक पौड़ी बिमल पांडेय ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के डॉ. हरीश थपलियाल ने छात्र-छात्राओं को जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा गोल्डन ऑवर होता है। जिसमें सही और समय पर की गई मदद से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। एसडीआरएफ के अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह ने पीगी बैग, स्ट्रेचर बनाना, रेस्क्यू उपकरण आदि की जानकारी दी। एआरटीओ अभिषेक भट्गांई ने बताया कि राहवीर योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने वाले लोगों को सम्मानित करना है। सड़क दुर्घटना में लोग अक्सर पुलिस और कानूनी कार्रवाई के चलते घायलों की मदद नहीं कर पाते है। ऐसे में राहवीर योजना के तहत घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को उचित पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही कानूनी और पुलिस कार्रवाई से भी वंचित रखा जाएगा।