मोक्षदायिनी काशी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति की एक सुंदर झलक देखने को मिली, जब अमेरिका के मिशिगन प्रांत से आए श्रद्धालु जैक्सन ने अपने स्वर्गीय चाचा नेट की आत्मा की शांति के लिए अस्थि विसर्जन और पिंडदान का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। जैक्सन अपने चाचा की अंतिम इच्छा और भारतीय मोक्ष-परंपरा के प्रति अपार श्रद्धा लेकर विशेष रूप से काशी पहुंचे थे। अस्सी घाट पर तीर्थ पुरोहित राहुल पांडेय के आचार्यत्व में संपूर्ण वैदिक रीति-रिवाज, मंत्रोच्चार और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ अस्थि विसर्जन एवं पिंडदान का कार्य संपन्न हुआ। गंगा की लहरों के बीच मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल में अस्थियां प्रवाहित करते हुए जैक्सन अत्यंत भावुक नजर आए। पुरोहित राहुल पांडेय ने बताया कि काशी में अस्थि विसर्जन और पिंडदान करने से आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। विदेश से आए श्रद्धालु द्वारा अपनी सनातन सांस्कृतिक आस्था को इस प्रकार निभाना काशी की विश्वव्यापी सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।