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मेरठ की समस्याओं और पहचान पर बोले Gen-Z कंटेंट क्रिएटर्स, जलभराव से सुरक्षा और शिक्षा तक उठाए मुद्दे

Tue, 25 Aug 2026 06:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

 मेरठ शहर के कंटेंट क्रिएटर्स के साथ मंगलवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें युवा कंटेंट क्रिएटर्स ने शहर की समस्याओं, विकास, सुरक्षा, शिक्षा, स्थानीय पहचान और सोशल मीडिया की भूमिका पर खुलकर अपनी बात रखी। जलभराव, महिलाओं की सुरक्षा, बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या के साथ शहर की छवि और विकास से जुड़ी चुनौतियां भी चर्चा के केंद्र में रहीं।

जलभराव से निकलना भी चुनौती
देवलोक कॉलोनी निवासी कंटेंट क्रिएटर कशिश ने कहा कि उनके क्षेत्र में जलभराव की समस्या आम है। घर से बाहर निकलने से पहले कपड़ों की चिंता करनी पड़ती है। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।

रैपिड रेल से बदली शहर की तस्वीर
इंफ्लुएंसर मृगांक्षा ने मेरठ में हो रहे विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक राय रखी। उन्होंने कहा कि रैपिड रेल के संचालन के बाद शहर में काफी बदलाव नजर आ रहा है। विकास के साथ सुरक्षा के स्तर पर भी सुधार हुआ है।

बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मिले प्रैक्टिकल नॉलेज
कैंट क्षेत्र की इन्फ्लुएंसर वैदिका ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की स्किल डेवलपमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल नॉलेज शामिल हो, ताकि बच्चे वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकें।

खेल, ज्वेलरी और कैंची से बनती है मेरठ की पहचान
इन्फ्लुएंसर आशुतोष ने कहा कि मेरठ की पहचान खेल, ज्वेलरी, कैंची और स्पोर्ट्स हब के तौर पर है। इनसे जुड़े कंटेंट को सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जाता है। सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय संस्कृति और शहर की खासियतों को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।

लाइव पेंटिंग को मिल रही पहचान
लाइव पेंटिंग आर्टिस्ट हर्षिता भारद्वाज ने कहा कि लाइव पेंटिंग चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसमें उन्हें आनंद आता है। मेरठ जैसे शहर में इस तरह के कंटेंट को पहचान मिलना सकारात्मक संकेत है। सोशल मीडिया स्थानीय कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच दे रहा है।

समस्याओं पर ध्यान दिलाना भी जरूरी
इंफ्लुएंसर सावन कनोजिया ने कहा कि क्रांतिधरा में कई ऐसे अनछुए पहलू हैं, जिन्हें विश्व पटल पर पहचान दिलाना भी जिम्मेदारी है। सोशल मीडिया के जरिए शहर की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाई जाती हैं और अधिकारी भी कई मामलों में उनका संज्ञान लेते हैं।

बेहतर करनी होगी मेरठ की छवि
कंटेंट क्रिएटर हर्षित ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और खासतौर पर मेरठ की सोशल मीडिया पर बनी नकारात्मक छवि बदलने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मेरठ को अक्सर दंगों, भाषा और व्यवहार को लेकर बनी नकारात्मक धारणा से देखा जाता है। सोशल मीडिया इस छवि को बदलने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। छवि बेहतर होने से युवाओं के लिए नए अवसर भी बढ़ेंगे।

फेक न्यूज रोकने में मीडिया और क्रिएटर्स निभाएं जिम्मेदारी
कार्यक्रम में फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती भ्रामक सूचनाओं पर भी चर्चा हुई। कंटेंट क्रिएटर्स ने कहा कि अखबार में प्रकाशित खबरों को लेकर लोगों के बीच विश्वसनीयता बनी हुई है, जबकि सोशल मीडिया पर सूचनाएं तेजी से प्रसारित होने के कारण फेक न्यूज की पहचान कई बार मुश्किल हो जाती है।

युवाओं ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया यूजर्स को किसी भी खबर या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और स्रोत की जांच करनी चाहिए। प्रमाणित और विश्वसनीय जानकारी को ही आगे बढ़ाकर फेक न्यूज के प्रसार को रोकने में योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम में युवाओं और मीडिया के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ शहर की समस्याओं और सकारात्मक पहल को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

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