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कानपुर: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में देरी पर डेढ़ लाख रुपये तक जुर्माना

कारोबारियों और पेशेवर व्यक्तियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक दाखिल करनी होगी। ऐसा न करने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 271बी के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना सकल बिक्री या प्राप्तियों का आधा फीसदी या अधिकतम डेढ़ लाख रुपये हो सकता है।मर्चेंट चैंबर आफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पुराने आयकर कानून ही प्रभावी रहेंगे। इसके तहत चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा ऑडिट रिपोर्ट को ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। करदाता को भी 30 सितंबर तक इसे स्वीकार करना होगा। यदि रिपोर्ट समय पर अपलोड या स्वीकार नहीं की जाती है, तो अर्थदंड प्रभावी होगा। यह अर्थदंड आयकर अधिकारी द्वारा आरोपित किया जा सकता है। नए आयकर कानून 2025, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू होंगे, में जुर्माने के प्रावधान संशोधित किए गए हैं। नए कानून के तहत, एक माह तक के विलंब के लिए 75,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। एक माह से अधिक के विलंब पर डेढ़ लाख रुपये की फीस अदा करनी होगी। यह फीस करदाता को स्वयं जमा करनी होगी, आयकर विभाग अलग से कार्रवाई नहीं करेगा।

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