आयकर विभाग अब पूरी तरह से ऑनलाइन, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कार्यप्रणाली पर शिफ्ट हो चुका है। विभाग के पास करदाताओं के उच्च मूल्य के खर्चों, निवेशों, बैंक लेन-देन, शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा और चल-अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री की पल-पल की जानकारी डिजिटल डेटाबेस में उपलब्ध है। पैन और आधार लिंक होने से सभी वित्तीय गतिविधियों की ट्रैकिंग आसान हो गई है। आयकर कानूनों के तहत गैर-रिश्तेदारों से 50 हजार से अधिक का उपहार और एक दिन में 2 लाख से अधिक का नकद लेनदेन विभाग की सख्त निगरानी में है। करदाताओं को पेनाल्टी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने आयकर रिटर्न में सभी स्रोतों और लेन-देन की सटीक घोषणा करने की सलाह दी गई है।