भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के तहत प्री-टेस्टिंग/पोस्ट-न्यूमरेशन (पीई) प्रक्रिया के प्रथम स्लॉट का तीन दिवसीय प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, रेवसा में शुरू हुआ। प्रशिक्षण 8 से 10 अक्टूबर तक चलेगा। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स की ओर से जनगणना की प्रक्रिया और आंकड़े दर्ज करने की जानकारी दी जा रही है। डीएम ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश और जिले के भविष्य के विकास की नींव है। द्वितीय चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य और उनके सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़े कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐप या फॉर्म में सभी 40 प्रश्न अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए। कहा कि आंकड़े दर्ज करने में किसी भी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सटीक और पारदर्शी आंकड़ों से ही बेहतर सरकारी योजनाएं और नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में जिला विद्यालय निरीक्षक समेत जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।