बहराइच में झिंगहा घाट स्थित सरयू नदी में शुक्रवार की दोपहर एक बालक नहाते समय डूब गया था। खोजबीन के बाद भी बालक का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे नाराज होकर परिजनों व स्थानीय लोगों ने रविवार की दोपहर बहराइच-नानपारा मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। उच्चधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त करवाया। इसके बाद यातायात बहाल हो सका। बशीरगंज निवासी शौर्य बाजपेई (12) अपने दो दोस्तों के साथ शुक्रवार की दोपहर झिंगहा घाट स्थित सरयू नदी में नहाने गया था। नदी में नहाते समय वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। उसके साथ मौजूद बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोगाें ने शौर्य को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी गहरा होने के कारण वह शौर्य को डूबने से नहीं मचा सके। घटना के बाद पुलिस कर्मियों ने स्थानीय गोताखोरों के साथ बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद भी शौर्य का कोई पता नहीं चला। घटना से आहत परिजनों के सब्र का बांध रविवार की दोपहर टूट गया। शौर्य के पिता अर्जुन बाजपेई के नेतृत्व में परिजनों व स्थानीय लोगों ने बहराइच-नानपारा मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन पर संवेदनहीनता बरते जाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों का जाम लग गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार महसी विपिन चौरसिया, नगर कोतवाल बृजेंद्र मिश्रा, रामगांव थाना प्रभारी दिवाकर तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शीघ्र ही बालक की तलाश करने का आश्वासन देते हुए उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त किया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने यातायात बहाल कराया।