आगरा मंडल के कई रेलखंडों पर क्षमता से अधिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिससे उनकी समयबद्धता पर असर पड़ रहा है। अछनेरा-भरतपुर खंड में लाइन क्षमता का 147.94 प्रतिशत और जमुना ब्रिज-आगरा फोर्ट-ईदगाह खंड में 122.96 प्रतिशत उपयोग हो रहा है, जबकि मथुरा-पलवल मंडल का सबसे व्यस्त रेलखंड है जहां प्रतिदिन प्रत्येक दिशा में औसतन 72 ट्रेनें चलती हैं। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम के अनुसार, आगरा-टूंडला के बीच प्रतिदिन प्रत्येक दिशा में औसतन 11 और आगरा-कानपुर के बीच 12 ट्रेनें संचालित होती हैं। मथुरा-पलवल के बाद धौलपुर-मथुरा खंड में औसतन 47 ट्रेनें चलती हैं। टूंडला मार्ग पर तेज गति वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को प्राथमिकता मिलने के कारण अन्य ट्रेनों को कई बार रोकना पड़ता है। परिचालन दबाव के कारण जुलाई में मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की समयबद्धता 89.63 प्रतिशत रही। 5,398 में से 560 ट्रेनें प्रभावित हुईं। अगस्त में सुधार के बाद 5,562 में से 337 ट्रेनें प्रभावित हुईं और समयबद्धता 93.94 प्रतिशत तक पहुंची, हालांकि यात्री ट्रेनों की समयबद्धता अगस्त में 72.28 प्रतिशत ही रही। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आगरा फोर्ट-बांदीकुई मार्ग के दोहरीकरण से एकल लाइन की बाधा कम होगी, जिससे परिचालन दबाव घटेगा और भविष्य में ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार हो सकेगा।