आगरा। रक्षा लेखा विभाग का 279वां स्थापना दिवस ‘रक्षा लेखा विभाग दिवस-2026’ के रूप में बृहस्पतिवार को मनाया गया। इस अवसर पर विभाग के राष्ट्रसेवा में योगदान और रक्षा सेवाओं के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि पूर्व रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक जीएस सूद ने बताया कि यह देश के सबसे पुराने विभागों में से एक है। इसकी शुरुआत 1747 में सैन्य वेतन व्यवस्था से हुई थी। 1 अक्तूबर 1951 को इसे रक्षा लेखा विभाग नाम दिया गया। संयुक्त नियंत्रक विजय तनेजा ने बताया कि विभाग थल सेना, नौसेना और वायु सेना सहित कई संगठनों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। इनमें आयुध कारखाने, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), कैंटीन भंडार विभाग (सीएसडी), तटरक्षक बल और सीमा सड़क संगठन शामिल हैं। आगरा के दस कार्यालय सैन्य इकाइयों के वेतन-भत्तों, दावों के निपटारे और वित्तीय परामर्श का कार्य करते हैं। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।