सिकंदरा के भावना एस्टेट स्थित जनकपुरी महोत्सव में प्रभु श्रीराम, माता सीता और चारों भाइयों के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। चारों ओर जय श्रीराम का जयघोष गूंजता रहा। राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल के साथ जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार और अनीता यादव ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता सीता के स्वरूपों की विधिवत आरती उतारी। आरती की लौ के बीच प्रभु श्रीराम का दिव्य स्वरूप और जनक मंच की भव्य सज्जा श्रद्धालुओं को त्रेता युग की मिथिला की अनुभूति करा रही थी। श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन करते रहे। रामचरितमानस की चौपाई सिय मनु राम चरण अनुरागा भी इस दृश्य के भाव को और गहरा कर रही थी। इसका भाव है कि माता सीता का मन श्रीराम के चरणों में अनुरक्त हो गया था। जनक मंच पर राम और सीता के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालुओं को इसी पवित्र अनुराग और राम-सीता मिलन की प्रतीक्षा का भाव अनुभव हुआ।