राजधानी शिमला में पेंशनरों ने केंद्र सरकार की पेंशन नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सीटीओ चौक पर जुटे पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेंशनरों से जुड़े नियमों और योजनाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे पुराने पेंशनरों के हित प्रभावित होने की आशंका है। पेंशनर नेताओं ने केंद्र सरकार से पेंशन संबंधी नीतियों पर पुनर्विचार करने और लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की। हालिया प्रदर्शन में पेंशनरों ने पेंशन वैलिडेशन अधिनियम 2025 को वापस लेने की मांग प्रमुखता से उठाई। पेंशनर संगठनों का कहना है कि इस व्यवस्था से अलग-अलग समय पर सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के बीच अंतर पैदा हो सकता है। उन्होंने पेंशन पुनरीक्षण को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था करने की मांग की। पेंशनरों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों के लिए समान आधार पर लाभ देने और लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता तथा महंगाई राहत जारी करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों के पेंशनरों की पेंशन में संशोधन और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़ी मांगें भी प्रदर्शन के दौरान सामने रखी गईं। पेंशनर नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक मांग तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि पेंशनरों से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को इन पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने अपने विरोध को आगे भी जारी रखने की बात कही। हालिया प्रदर्शन के दौरान पेंशनर संगठनों ने यह भी घोषणा की कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। संयुक्त मोर्चे की ओर से 25 नवंबर को दिल्ली में संसद मार्च की बात भी कही गई है। पेंशनरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं और सरकार से बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं। वहीं, सरकार की ओर से पेंशनरों की विभिन्न देनदारियों और भुगतान को लेकर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिए गए हैं। हाल में हिमाचल विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा था कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लाभ जारी किए जा चुके हैं और 58 से 67 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों के भुगतान जल्द किए जाएंगे। फिलहाल शिमला में हुए प्रदर्शन से साफ है कि पेंशन से जुड़े मुद्दों को लेकर पेंशनर संगठन केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें जोरदार तरीके से रख रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मांगों को लेकर आंदोलन का अगला चरण क्या होगा, इस पर पेंशनर संगठनों की रणनीति महत्वपूर्ण रहेगी।