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जालंधर में नहीं हुई मुख्यमंत्री और कर्मचारियों की मीटिंग, बोले-2027 में सिखाएंगे सबक

जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली पंजाब के सभी सरकारी विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों की बैठक रद्द हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। बैठक रद्द होने के बाद अलग-अलग संगठन के नेताओं ने जालंधर में प्रेस वार्ता की दौरान कहा कि आज जो मुख्यमंत्री ने किया वह बर्दाश्त करने वाले नहीं है। यह पहले भी कई बार हो चुका है और ऐसा अंदाजा था कि मुख्यमंत्री मीटिंग से पहले ही भाग जाएंगे। 2027 के चुनाव में बताएंगे कि कर्मचारियों की मांगों से कैसे भाग जाता है। पंजाब में 17 अगस्त से लगातार कलम छोड़ कंप्यूटर बंद करके हड़ताल चल रही थी। 27 को तालमेल कमेटी के फैसले पर सामूहिक छुट्टी लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। आज मुख्यमंत्री भगोड़ा साबित हुए हैं, हर बार प्रपोजल तैयार कर मीटिंग के लिए बुलाया जाता है और फिर एक शर्त रखकर भाग जाते हैं कि पहले हड़ताल खत्म करो फिर बात होगी। यूनियन के नेताओं ने कहा कि हम कोई कंडीशनल बैठक नहीं करेंगे। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने का समय मिला था लेकिन वहां मौजूद पंजाब पुलिस ने रोका। परिवार का हिस्सा खाने की बात कहें जिला और पुलिस प्रशासन ने दो-तीन तरह की धमकियां दी है। हमारे खिलाफ कोई एक्शन लेना है तो ले आज हम जिस जगह पर पहुंच गए हैं वहां आने वाली लड़ाई और बढ़ेगी। हम एक बार फिर 28 अगस्त को मुख्यमंत्री पंजाब का पुतला फूंकेंगे और अगला एक्शन बहुत बड़ा होगा। अभी तक 7 अगस्त और 27 अगस्त देखा है उसके मुकाबले यह बहुत छोटे हैं और 30 अगस्त को इसको लेकर समूह संगठनों की बैठक की जाएगी। हड़ताल 26 अगस्त तक थी यह सामूहिक छुट्टी विरोध दर्ज करने और मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने के लिए की गई थी।

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