कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर एक साथ तीखा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रामलीला मैदान रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर चन्नी ने भाजपा-आरएसएस की मानसिकता पर सवाल उठाए। चन्नी ने आरोप लगाया कि मंच का शुद्धिकरण ‘मनुवादी सोच’ को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर दलितों, आदिवासियों, गरीबों और पिछड़े वर्गों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। चन्नी ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को झूठी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। सोशल मीडिया पर एआई के इस्तेमाल को लेकर चन्नी ने कहा कि किसी भी नेता का गलत या आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसकी छवि और मर्यादा को नुकसान पहुंचाना गलत है। कांग्रेस इसका विरोध करती है। उन्होंने यह भी कहा कि असली वीडियो को लैब में भेजकर गलत साबित करने की कोशिश करना भी उतना ही गलत है। पंजाब में अवैध खनन के मुद्दे पर चन्नी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने खुद नकोदर क्षेत्र में आधी रात को छापेमारी की थी, जहां कथित तौर पर बड़े स्तर पर अवैध माइनिंग चल रही थी। चन्नी ने आरोप लगाया कि पंजाब में माइनिंग माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और इसे मुख्यमंत्री निवास, अरविंद केजरीवाल तथा आप नेताओं से जोड़ते हुए उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल किया कि अगर माइनिंग से 20 हजार करोड़ रुपए सालाना कमाई का दावा किया गया था, तो पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकारी खजाने में इसका लाभ क्यों नहीं दिखाई दे रहा? पूर्व सीएम ने सरकार से रेत कारोबार से होने वाली अरबों रुपये की कथित कमाई का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की और पूछा कि यह पैसा आखिर किन खातों में गया।