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रेत से भरा टिप्पर पलटा, तीन दुकानों के शटर टूटे जानी नुकसान टला, क्रशर बंद होने के बावजूद खनन सामग्री की आवाजाही पर उठे

राय साहिब चौधरी ज्ञान सिंह चौक से कुछ दूरी पर तलवाड़ा-दोलतपुर सड़क मार्ग पर पडते गांव दोसड़का की रोड पर मंगलवार को सुबह सबेरे एक रेत से भरा एक टिप्पर अचानक पलट गया।गनीमत यह रही कि इस सड़क हादसे में किसी भी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सड़क किनारे स्थित तीन दुकानों के शटर टूट गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हालाकि टिप्पर चालक निशान सिंह को भी इस हादसे में उसके शरीर पर एक खरोंच तक नही लगी। टिप्पर चालक निशान सिंह ने बताया कि वह सुबह करीब सात बजे हिमाचल प्रदेश की ओर से रेत भरकर आ रहा था। तलवाड़ा-दोलतपुर सड़क स्थित एक मार्बल की दुकान के सामने सड़क की हालत खराब होने के कारण टिप्पर को आगे जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से बचाने के प्रयास में सड़क की कच्ची पटरी पर चढ़ाना पड़ा। पटरी कच्ची होने के कारण टिप्पर एक तरफ धंस गया और मौके पर ही पलट गया। हादसे के बाद टिप्पर के आगे लगे शीशे पर ‘ऑन रेलवे ड्यूटी’ का लगा हुआ एक स्टिकर भी चर्चा का विषय बना रहा। चालक ने बताया कि वह पहले नंगल - तलवाड़ा रेलवे की भर्ती में काम करता था, जबकि अब वह निजी कार्य के लिए हिमाचल प्रदेश से रेत लेकर फिरोजपुर जा रहा था। पूछताछ के दौरान चालक ने रेत की कोई रसीद उसके पास नहीं होने की बात भी कही गई। क्रशर बंद, फिर भी खनन सामग्री की आवाजाही पर सवाल कंडी क्षेत्र में खनन सामग्री की आवाजाही को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गांव अमरोह में खनन विभाग ने पड़ोसी राज्य से आने वाली खनन सामग्री पर निगरानी रखने और रॉयल्टी वसूलने के लिए एक चेक पोस्ट गांव अमरोह के पास स्थापित कर रखी है। वहीं, अवैध खनन से संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में विचाराधीन होने के चलते ब्लॉक तलवाड़ा क्षेत्र के क्रशर बंद बताए जा रहे हैं। बंद पडे हुए स्टोन क्रशरों से खनन सामग्री उठाने पर भी रोक है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश से कथित तौर पर बिना रॉयल्टी खनन सामग्री पंजाब में कैसे पहुंच रही है, यह सवाल खनन रोको, जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने उठाया है। समिति ने इस मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। विभाग ने पुलिस जांच की बात कही मामले को लेकर खनन विभाग के जेई पुष्पिंदर सभरवाल ने कहा कि टिप्पर में लाए गए माल की जांच के लिए स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि टिप्पर मालिक ने भारत स्टोन क्रशर के बिल दिखाए हैं। बताया गया कि भारत स्टोन क्रशर ब्लॉक हाजीपुर में स्थित है, जो हादसे वाली जगह से करीब छह किलोमीटर पीछे है। जबकि टिप्पर रामगढ़ सीकरी (तलवाड़ा) की ओर से रेत लेकर हाजीपुर की दिशा में जा रहा था। क्षेत्र में समय-समय पर खनन सामग्री से भरे वाहनों की आवाजाही स्थानीय पुलिस और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। अब विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि टिप्पर में लाया गया रेत वैध था या नहीं और उसके पास मौजूद बिलों की वास्तविकता क्या है।

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