पंजाबभर में भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की ओर से डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालयों के बाहर चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 16वें दिन भी जारी रहा। सरकार और प्रशासन की ओर से मांगों पर बातचीत नहीं किए जाने के विरोध में किसानों ने डीसी कार्यालयों के सभी मुख्य गेट बंद कर पूर्ण घेराव किया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से बातचीत नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेता परमिंदर सिंह ने कहा कि संगठन ने सरकार और प्रशासन को बातचीत के लिए पहले ही 15 दिन का समय दिया था, लेकिन इस दौरान कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसी के चलते किसानों को गेट बंद कर घेराव करने का निर्णय लेना पड़ा। किसानों ने अमेरिका सहित इंग्लैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी विरोध किया। उनका कहना है कि इन समझौतों से किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति रद्द करने, पिछले वर्ष बाढ़ से हुए फसली नुकसान का पूरा मुआवजा देने और पर्यावरण व कृषि के अनुकूल नई कृषि नीति लागू करने की मांग की गई। धान के सीजन में बिजली कटौती पर किसानों ने कहा कि कई क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उन्हें महंगा डीजल खर्च कर जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं। बीकेयू उगराहां ने खेती के लिए रोजाना आठ घंटे निर्बाध बिजली देने की मांग की। आंदोलन के दौरान किसानों और मजदूरों पर दर्ज पुलिस केस बिना शर्त वापस लेने की मांग भी की गई।