सिवनी जिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (SNCU) वार्ड में बीते 3 महीनों में 46 और पिछले छह महीनों में कुल 80 नवजात बच्चों की मौत से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। जिसको जिला कांग्रेस ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CHMO) डॉ. पंकज दुबे का पुतला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने फूंककर भारी हंगामा किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
अस्पताल प्रबंधन ने नवजात बच्चों की मौत की मुख्य वजह समय से पहले जन्म (प्री-मैच्योर डिलीवरी), कम वजन और बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया जाना बताया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी और लापरवाही के कारण इतने बड़े पैमाने पर मासूमों की जान गई है।
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राजनीतिक घमासान और अपनों पर ही सवाल
इस संवेदनशील मामले ने अब गंभीर राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा के स्थानीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अपनी ही सरकार के प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला प्रदेश के मुखिया (मुख्यमंत्री) के संज्ञान में है। प्रशासन ने आनन-फानन में SNCU वार्ड के एक डॉक्टर को हटाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है, जबकि इस मामले की विस्तृत जांच के बाद सभी दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। हटाए गए डॉक्टर ने भी सवाल उठाया है कि सिर्फ उन पर ही गाज क्यों गिरी, जबकि व्यवस्था के लिए पूरा अमला जिम्मेदार है।
कलेक्टर की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे प्रशासनिक और स्वास्थ्य संकट के बीच जिला कलेक्टर नेहा मीना की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि जब से उन्होंने सिवनी जिले का पदभार ग्रहण किया है, तब से उन्होंने मीडिया से पूरी तरह दूरी बना रखी है। इस बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाले मामले पर भी कलेक्टर ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि समय रहते अस्पताल की बदहाली पर ध्यान न देने के लिए कलेक्टर की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।