TMC के बागी सासंदों को लेकर क्यों असमंजस में बीजेपी? बीजेपी ने कैसे और क्यों बढ़ाई तृणमूल कांग्रेस के बागियों की बेचैनी? क्या बागी सासंदों को पार्टी में नहीं लेगी बीजेपी? अब क्या करेंगे TMC के बागी, क्या ममता के पास वापस लौटेंगे?
दरअसल, यह सभी सवाल इसलिए उठ रहे है क्योंकि, पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर बागी सांसदों को लेकर हलचल तेज है। TMC छोड़कर NCPI के साथ आए 20 सांसदों में से 17 के बीजेपी में जाने का दावा सामने आया है। दावा किया कूचबिहार से सांसद और बागी खेमे के नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने। लेकिन BJP की बंगाल इकाई ने इस दावे से दूरी बना ली। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा कि सिर्फ किसी के शामिल होने की इच्छा जताने से BJP में एंट्री नहीं मिल जाती। उधर, कुछ बागी सांसदों ने भी कहा कि BJP में जाने का कोई फैसला नहीं हुआ है। तो आखिर पूरा मामला क्या है?
क्या BJP सचमुच इन बागी सांसदों को अपने साथ लेने से हिचक रही है? क्या बंगाल BJP के स्थानीय नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व की सोच अलग-अलग है? अगर BJP का रास्ता बंद होता है, तो क्या ये बागी सांसद वापस ममता बनर्जी के साथ जा सकते हैं?