Hindi News
›
Video
›
India News
›
Major security lapse at Delhi's IGI Airport: Three foreign passengers reached Munich without undergoing securi
{"_id":"6aa845104f24cb663e03a83d","slug":"major-security-lapse-at-delhi-s-igi-airport-three-foreign-passengers-reached-munich-without-undergoing-securi-2026-09-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक, जांच के बिना म्यूनिख पहुंचे तीन विदेशी यात्री","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक, जांच के बिना म्यूनिख पहुंचे तीन विदेशी यात्री
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:33 AM IST
Link Copied
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी प्रक्रियागत चूक का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, तीन विदेशी यात्री इमिग्रेशन जांच पूरी किए बिना ही अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र और संबंधित फ्लाइट तक पहुंच गए और बाद में लुफ्थांसा की फ्लाइट से म्यूनिख पहुंच गए। घटना सामने आने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और यात्रियों की इमिग्रेशन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और एयरलाइन से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। मंत्रालय यह जानना चाहता है कि यात्रियों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और सत्यापन में किस स्तर पर चूक हुई तथा इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला तीन से चार सितंबर के बीच का बताया जा रहा है। तीनों विदेशी यात्री एअर इंडिया की अमृतसर-दिल्ली फ्लाइट AI-1115 से दिल्ली पहुंचे थे। बताया गया है कि अमृतसर एयरपोर्ट पर यात्रियों को दिल्ली तक की यात्रा के लिए डी-बोर्डिंग पास दिया गया था। इसके साथ ही उन्हें दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 का बोर्डिंग पास भी उपलब्ध कराया गया था। सामान्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए निर्धारित इमिग्रेशन और सुरक्षा जांच से गुजरना जरूरी होता है। लेकिन इस मामले में आरोप है कि तीनों यात्री दिल्ली पहुंचने के बाद आवश्यक इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक पहुंच गए।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि घरेलू उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान प्रक्रिया में प्रवेश कैसे मिला और अलग-अलग स्तरों पर मौजूद जांच व्यवस्था के बावजूद यह चूक कैसे हुई। मामले में एयरलाइन, एयरपोर्ट और संबंधित सुरक्षा एवं इमिग्रेशन प्रक्रियाओं की भूमिका की जांच की जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा एअर इंडिया को नोटिस जारी किया जाना इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है। एयरलाइन को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। इसके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।
घटना को लेकर गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले पर चर्चा करने और संबंधित पक्षों से जानकारी लेने के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में घटना की पूरी प्रक्रिया, यात्रियों की आवाजाही और जांच के विभिन्न चरणों की समीक्षा की जा सकती है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि इमिग्रेशन जांच से बचकर यात्री अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट तक कैसे पहुंचे और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए किन स्तरों पर सुधार की जरूरत है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह मानवीय गलती थी, प्रक्रियागत कमी थी या सिस्टम के किसी विशेष स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।