कभी गांव की पगडंडी से होकर स्कूल पहुंचने वाली चायल की बेटी तनिष्का कटोच ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। तनिष्का ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर आईजीएमसी में मेडिकल शिक्षा की राह आसान कर ली है। उनकी इस सफलता ने न केवल परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चायल को भी गौरवान्वित किया है। सबसे खास बात यह है कि करीब 30 वर्षों के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चायल की किसी छात्रा ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल की है। तनिष्का की उपलब्धि को विद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही स्कूल में खुशी का माहौल बन गया। तनिष्का की उपलब्धि पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चायल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य मोहन लाल ने समस्त अध्यापक वर्ग की मौजूदगी में तनिष्का को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान शिक्षकों ने तनिष्का को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेंगी। सम्मान समारोह के दौरान तनिष्का ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करना और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि रास्ते में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका मजबूती से सामना करना चाहिए। मेहनत और धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। तनिष्का की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी सफलता केवल NEET परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है। गांव की पगडंडी से स्कूल तक का सफर तय करने वाली तनिष्का ने अपनी मेहनत के दम पर मेडिकल क्षेत्र में कदम रखने का सपना पूरा किया है। उनकी उपलब्धि अब चायल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी मिसाल बन गई है। 30 साल बाद चायल स्कूल की छात्रा का NEET में सफलता हासिल करना इस उपलब्धि को और खास बना देता है। परिवार, शिक्षक और स्थानीय लोग तनिष्का की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।