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सोलन कॉलेज में विद्यार्थियों को सिखाए तनाव से निपटने के तरीके, सकारात्मक सोच पर दिया जोर

राजकीय महाविद्यालय सोलन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोदर्पण समिति और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूक करना था। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक संकोच को दूर करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिवानी शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की डॉ. वैशाली शर्मा मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। मनोदर्पण समिति की संयोजक डॉ. गीता नेगी ने स्वागत संबोधन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और भावनात्मक समस्याओं को नजरअंदाज न करने का आह्वान किया। डॉ. वैशाली शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य विषय पर संवादात्मक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर समाज में व्याप्त संकोच और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। भावनात्मक समस्याओं की समय रहते पहचान और उचित परामर्श मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी परेशानियां भरोसेमंद लोगों के साथ साझा करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को भी जीवन के समग्र कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम के दौरान मनोविज्ञान की सहायक आचार्य एवं मनोदर्पण समिति की सदस्य डॉ. त्रिवेणी शर्मा ने विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रोचक खेलों और गतिविधियों का आयोजन किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, आत्म-जागरूकता और भावनात्मक संतुलन के महत्व से परिचित करवाया गया। गतिविधियों ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को सहज तरीके से समझने का अवसर दिया। प्राचार्य डॉ. शिवानी शर्मा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि योग, सुदर्शन क्रिया, आत्मप्रेम और सकारात्मक दृष्टिकोण जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सहायक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने मानसिक और भावनात्मक कल्याण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मंजू ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करना, समय पर सहायता लेना और सकारात्मक जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण है।

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