युवाओं को नशे के बढ़ते प्रभाव से दूर रखने और नशामुक्त समाज का संदेश देने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय सोलन के सभागार में सोमवार को विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और लायंस क्लब सोलन वैली के संयुक्त सौजन्य से किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों के साथ बड़ी संख्या में सामान्य विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। विशेष रूप से बीकॉम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति जैसे गंभीर विषय पर विद्यार्थियों से संवाद किया गया और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता गुरचरण सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जीवन में निवेश के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कॉलेज परिसर के साथ-साथ समाज में भी नशामुक्ति के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। लायंस क्लब सोलन वैली के पदाधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। क्लब के कोषाध्यक्ष शक्ति अवस्थी, पूर्व अध्यक्ष अनूप सूद और सचिव डॉ. रविकांत सूद ने नशामुक्ति के विषय पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में सही जानकारी देना और उन्हें इससे दूर रखने के लिए लगातार जागरूक करना बेहद जरूरी है। कार्यशाला के दौरान विभिन्न प्रकार के नशों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के प्रति सचेत करते हुए इससे दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि युवा देश और समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान दें तो वे अपने भविष्य के साथ-साथ समाज को भी बेहतर दिशा दे सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह सोनी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति के लिए काम करना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।