फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपुर बुशहर: बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन के चुनाव पर विवाद, 111 सदस्यों के निष्कासन का आरोप; रोक की मांग

बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन के प्रस्तावित चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूनियन के पूर्व पदाधिकारियों और कुछ सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों ने आरोप लगाया कि आम सभा की सहमति के बिना यूनियन की कार्यकारिणी के चुनाव करवाए जा रहे हैं। उन्होंने यूनियन के महासचिव पर मनमाने तरीके से चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने और करीब 111 सदस्यों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से निष्कासित करने के आरोप भी लगाए। बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन के पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों ने वीरवार को एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज करवाई। ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया की जांच करने और कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके बाद सदस्यों ने रामपुर स्थित श्रम कल्याण कार्यालय में भी शिकायत पत्र सौंपा और श्रम विभाग से उचित कार्रवाई की मांग की। पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों का आरोप है कि चुनाव की तारीख तय करने से पहले आम सभा से आवश्यक विचार-विमर्श नहीं किया गया। उनका कहना है कि चुनाव की वोटर लिस्ट भी आम सभा में सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता लागू करने से पहले आवश्यक जानकारी यूनियन के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित नहीं की गई और संबंधित विभागों को भी इसकी प्रतियां नहीं भेजी गईं। शिकायतकर्ताओं ने चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि चुनाव करवाने के लिए अधिकृत किए गए अधिकारियों के संबंध में आम सभा की सहमति नहीं ली गई और उन्हें यूनियन सचिव की ओर से अधिकृत किया गया। उन्होंने दावा किया कि नामांकन प्रक्रिया के बाद चुनाव सामग्री यूनियन कार्यालय में तैयार की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया है। पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों ने यूनियन सचिव पर करीब 111 सदस्यों को बिना सूचना दिए निष्कासित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से संबंधित सदस्य चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। शिकायतकर्ताओं ने इसे सदस्यों के अधिकारों का कथित उल्लंघन बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में निर्धारित 1000 रुपये के नामांकन फार्म शुल्क और सिक्योरिटी राशि पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चुनाव से संबंधित कई फैसले कार्यकारिणी या आम सभा में चर्चा के बिना लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की वोटर लिस्ट और अन्य चुनाव सामग्री को लेकर भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह सहित अन्य पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों ने श्रम विभाग से मांग की है कि बुशहर ऑटो ऑपरेटर यूनियन की मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से और यूनियन के नियमों के अनुसार पूरा किया जाना चाहिए।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें