हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और जरूरी दवाइयों की अनुपलब्धता को लेकर पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता राकेश जम्वाल ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मशीनें खरीदना ही बेहतर उपचार की गारंटी नहीं है। मरीजों को समय पर इलाज देने के लिए पर्याप्त डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी और जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाना भी सरकार की जिम्मेदारी है। रविवार को सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के निहरी में ग्राम पंचायत मरहड़ा बदैहण में आस्था अस्पताल की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुण चंदेल और उनकी टीम ने लोगों की स्वास्थ्य जांच की और चिकित्सकीय परामर्श दिया। राकेश जम्वाल ने शिविर की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रयासों को सराहा। राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई बार उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है, ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद यदि विशेषज्ञ डॉक्टर और तकनीकी कर्मचारी नहीं हैं, तो मरीजों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता। स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी है। भाजपा नेता ने कहा कि यदि मरीजों के तीमारदारों को ग्लव्स और पैरासिटामोल जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी बाहर जाना पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना चाहिए। राकेश जम्वाल ने बंदली और पौड़ाकोठी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मुद्दा उठाते हुए इन्हें सुचारु रूप से चलाने की मांग की। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पद भरने और दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता को केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि समय पर उपचार और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है। सरकार को दूरदराज क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना चाहिए। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकारी व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक है।