हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रणाैत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बैठकें केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहें। पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों और सुझावों पर अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजनाओं को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारना अनिवार्य है, तभी वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव है। केंद्र से राशि मिलने के बावजूद भू-अधिग्रहण, अनुमतियों और एनओसी के अभाव में अटके विकास कार्यों पर सांसद ने तीखे सवाल किए। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति के आधार पर उनकी अलग-अलग सूचियां तैयार की जाएं। साथ ही, प्रत्येक लंबित मामले के लिए एक समयबद्ध एक्शन प्लान बनाने को कहा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा कार्य किस चरण में लंबित है।