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हमीरपुर: रैगिंग की तो 3 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना, हमीरपुर बहुतकनीकी महाविद्यालय में सख्ती

राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर में रैगिंग के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए शुक्रवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। महाविद्यालय के सम्मेलन हॉल में प्रधानाचार्य चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों और हॉस्टल एवं पीजी संचालकों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षण संस्थान में रैगिंग पर पूरी तरह रोक लगाने और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने पर चर्चा की गई। प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को चेतावनी देते हुए कहा कि रैगिंग गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आती है। इसके दोषी विद्यार्थी को तीन साल तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा दोषी विद्यार्थी को संस्थान से निष्कासित भी किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैगिंग केवल महाविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है। हॉस्टल, पीजी और इनके आसपास के क्षेत्रों में किसी विद्यार्थी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, अपमानित करना या डराने-धमकाने जैसी गतिविधियां भी रैगिंग की श्रेणी में आ सकती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अनुशासन बनाए रखने और नए विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की। प्रधानाचार्य ने बताया कि बहुतकनीकी महाविद्यालय परिसर, हॉस्टलों, पीजी तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में रैगिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। संस्थान में एंटी रैगिंग कमेटी के अलावा एंटी रैगिंग दस्तों का भी गठन किया गया है। ये दस्ते परिसर और विद्यार्थियों के रहने वाले स्थानों में रैगिंग से संबंधित किसी भी गतिविधि पर नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि संस्थान, हॉस्टल और इनके आसपास के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों को इन नंबरों की जानकारी रखने और किसी भी समस्या की स्थिति में बिना झिझक शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में कमेटी के सदस्यों, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों और हॉस्टल एवं पीजी संचालकों से भी सहयोग की अपील की गई। प्रधानाचार्य ने कहा कि रैगिंग की रोकथाम केवल महाविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों और परिसर से जुड़े सभी लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को रैगिंग जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या किसी छात्र को प्रताड़ित किए जाने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी को दी जानी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे रैगिंग से दूर रहें, संस्थान के नियमों का पालन करें और ऐसा वातावरण बनाने में सहयोग दें, जहां हर विद्यार्थी बिना भय के अपनी पढ़ाई कर सके।

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