हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक सुधारों का भी ब्योरा दिया। सीएम सुक्खू ने बताया कि धर्मशाला में अब क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में दिसंबर में यहां नॉर्थ जोन अधिवेशन कराने की तैयारी है। सरकार का मुख्य लक्ष्य होटलों की ऑक्यूपेंसी को 70 से 75 प्रतिशत तक ले जाना और नई स्केटिंग परियोजना जैसी गतिविधियों को धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में 20 साल बाद सीनियर रेजिडेंटशिप फिर से शुरू की गई है, जिससे व्यवस्थाओं में 60 प्रतिशत तक सुधार आया है। इसके अलावा, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़ाकर 320 कर दी गई है। इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता के मामले में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय रैंकिंग में 21वें स्थान से उठकर अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।