पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के डोडा और भद्रवाह से श्रद्धालुओं का जत्था बुधवार को अपने देव चिह्नों के साथ ऐतिहासिक चंबा चौगान पहुंचा। श्रद्धालुओं के पहुंचते ही चौगान का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने चौगान की परिक्रमा करने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की और देव चिह्न स्थापित किए। इस दौरान चौगान में शिव भजनों की गूंज सुनाई देती रही। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने कुछ समय चौगान में विश्राम किया। इसके बाद कई श्रद्धालु टोलियों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्राचीन मंदिरों के दर्शन के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं में शामिल मान सिंह, जगदीप सिंह, योगराज, संजीव कुमार, किशन चंद और मुकेश कुमार ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से पवित्र मणिमहेश यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार वे यात्रा के दौरान अपने देव चिह्नों को साथ लेकर चलते हैं और इन्हें पवित्र डल में स्नान करवाते हैं। उन्होंने बताया कि पवित्र डल में देव चिह्नों की डुबकी के बाद श्रद्धालु वापस अपने घरों की ओर लौट जाते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मणिमहेश यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को वे पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं।