महिलाओं के लिए कानून है और अधिकार मिल भी जाएगा। महिलाओं के लिए सबसे पहले सामाजिक न्याय सुरक्षा, समान अवसर, आर्थिक स्वतंत्रता, सम्मान व इच्छा है। ये सही हो गया तो मानो महिलाओं को सामाजिक न्याय मिल गाया। ये बातें बतौर मुख्य वक्ता एमडीयू के विधि विभाग की अध्यक्ष प्रो. सोनू देहमिवाल ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में कहीं। आईएमटी स्थित कार्यालय में प्रो. सोनू देहमिवाल ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीति न्याय है। तीनों न्याय उतना ही महत्वपूर्ण महिला के लिए है जितना की पुरुष के लिए। सामाजिक न्याय को संतुलित करने की जरूरत है। कानून की दृष्टि से तो न्याय मिल गया लेकिन सामाजिक सोच से नहीं मिला। इसके लिए जागरूकता की जरूरत है। शुरूआत से परिवार से करनी होगी।