नगर परिषद रेवाड़ी के उपप्रधान पद के लिए आज 8 अक्टूबर को चुनाव होगा। चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डीएमसी प्रदीप अहलावत की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। सुबह 11 बजे से नगर परिषद कार्यालय में ईवीएम के जरिए मतदान शुरू हो गया है। चुनाव को लेकर नगर परिषद की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक खेमे और एंटी राव गुट के बीच माना जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने प्रत्याशी तय किए जाने की चर्चा है, लेकिन ऐन मौके तक नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। दोनों खेमे अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। ऐसे में फिलहाल मुकाबला पूरी तरह कांटे का माना जा रहा है और किसी एक पक्ष के पक्ष में तस्वीर साफ नहीं है। पार्षदों को एकजुट रखने के लिए दोनों पक्षों की ओर से गुप्त बाड़ेबंदी की गई। रविवार को राव खेमे की ओर से पार्षदों को गुप्त रूप से हिमाचल-उत्तराखंड के भ्रमण पर भेजे जाने की चर्चा रही। दूसरे पक्ष ने भी अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने के लिए रणनीति अपनाई। भ्रमण पर गए पार्षद आज सीधे टूर से मतदान के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुंचेंगे। दोनों खेमों को क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय में होने वाले उलटफेर की आशंका है। निखिल-चेतराम के नाम मजबूत, पूनम-निहाल भी चर्चा में: उपप्रधान पद के लिए पार्षद निखिल मांडैया और चेतराम सैनी के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। वहीं पूनम और निहाल के नाम भी सामने आ रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों ने अपने प्रत्याशी तय कर लिए हैं, लेकिन रणनीति के तहत नामों को गोपनीय रखा गया है। चुनाव के दौरान ही तस्वीर पूरी तरह साफ होने की संभावना है। नगर परिषद के 10 मई को हुए चुनाव में चेयरपर्सन विनीता पिप्पल सहित 32 वार्डों के पार्षद चुने गए थे। अब उपप्रधान पद के चुनाव में दोनों खेमों की ताकत और पार्षदों के बीच समर्थन का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। खास बात यह है कि कुछ पार्षद दोनों पक्षों की बैठकों में शामिल रहे हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावना ने दोनों गुटों की चिंता बढ़ा रखी है।