पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह लागू करने समेत लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को जिले की 166 बैंक शाखाओं के कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण बैंकों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा और ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं जारी रहीं। हड़ताल में विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। एसबीआई के रीजनल सेक्रेटरी विपिन चौधरी, यूनियन बैंक के अध्यक्ष भवानी यादव और ग्रामीण बैंक के उपाध्यक्ष बीएल यादव समेत विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों का नेतृत्व किया।पदाधिकारियों ने हड़ताल को सफल बताते हुए कहा कि लंबे समय से मांगों को लेकर कर्मचारियों में रोष है। यूनियन नेताओं ने बताया कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर समझौता हुआ था। इसके बावजूद अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि कई सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर विभाग, शेयर बाजार, आरबीआई और एलआईसी में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। कर्मचारियों के अनुसार शनिवार को अवकाश किए जाने के बदले प्रत्येक कार्यदिवस के बैंकिंग समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी करने पर सहमति बनी थी। इससे ग्राहकों को मिलने वाले कुल बैंकिंग समय में कमी नहीं आती। इसके बावजूद समझौता लागू नहीं होने से कर्मचारी नाराज हैं। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी कटेगा। यूनियन ने पीएलआई व्यवस्था में बदलाव पर भी आपत्ति जताई है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है।