जींद। सीआईए स्टाफ ने रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी सचिन निवासी पिपरिया, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) और सौरभ निवासी धर्मखेड़ी, हांसी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को डीएसपी ऋषभ सोढी ने प्रेसवार्ता में बताया कि बाल धर्मार्थ अस्पताल में कार्यरत सचिन ने एफआईआर में बताया कि वह बाल धर्मार्थ अस्पताल में फार्मासिस्ट के तौर पर कार्यरत है और डॉ. आदिश जैन के पास काम करता है। 21 अगस्त सुबह 10:54 से 11:02 बजे के बीच उसके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से धमकी भरा संदेश आया। संदेश भेजने वाले ने अपना नाम सचिन पंडित उर्फ नैंसी पंडित बताते हुए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया। संदेश में कहा गया कि डॉ. आकाश जैन आठ दिन के अंदर एक करोड़ रुपये की रकम दे, अन्यथा दस दिन के अंदर उसे जींद में ही गोली मार दी जाएगी। धमकी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचना दी। शहर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धमकी भरे संदेश की जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने इंस्टाग्राम से मोबाइल नंबर लिया था। उसके बाद नंबर पर धमकी भरा नंबर भेज दिया था। सीआईए टीम ने तकनीकी जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 24 अगस्त को आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 25 अगस्त को रोपी सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी सचिन के खिलाफ उत्तरप्रदेश में शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज है जबकि सौरभ के खिलाफ इससे पहले कोई एफआईआर दर्ज नहीं थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से रिमांड हासिल किया जाएगा।