महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा डीआरडीए हाल में चल रहे खंड पिल्लुखेड़ा और नरवाना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। यह शिविर विभागी की सीडीपीओ सुलोचना कुंडू की अध्यक्षता में चला। इसमें उन्होंने अंतिम दिन सभी वर्कर को प्रमाण पत्र भेंट किए। प्रशिक्षण के तीसरे दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण और समग्र विकास के बारे में बताया गया। इसमें संतुलित पोषण का महत्व, विकास की निगरानी एवं मूल्यांकन की तकनीकें, तथा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में अभिभावकों व समाज की सक्रिय भागीदारी की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सीडीपीओ सुलोचना कुंडू ने आंगनबाड़ी बच्चों का भविष्य बताते हुए सभी वर्कर को उनकी बेहतर देखभाल की जिम्मेदारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु के जन्म के बाद प्रारंभिक पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने स्तनपान के लाभ, विशेषकर कोलेस्ट्रम (पहला गाढ़ा दूध) के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पिल्लूखेड़ा और नरवाना खंड की सभी सुपरवाइजर, रॉकेट लर्निंग टीम तथा प्रथम संस्था से दिवेश, मैनेजर रितेश, जिला कोऑर्डिनेटर कृष्ण ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाना है, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर मीनाक्षी, पूजा, सरिता, रेखा, प्रिंस, अंकित, वंदना, सुमन मौजूद रही।