झज्जर। शहर और आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार को फिर से मौसम बदल गया। सुबह से छाई बादलवाई दोपहर को बारिश में तब्दील हो गई। शुक्रवार दोपहर को लगभग एक घंटे तक बारिश हुई। इससे लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को झज्जर में 9 एमएम, बहादुरगढ़ में 42.1 एमएम, बादली में 9 और बेरी में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह से ही तेज हवाओं का दौर जारी था और बादलवाई छाई हुई थी। शुक्रवार दोपहर तीन बजे तेज आंधी आई। आंधी के रुकने के तुरंत बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया, जो लगभग एक घंटे तक चला। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मानसून टर्फ तराई क्षेत्रों पर सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में ही मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही थीं जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून ब्रेक और कमजोर मानसून परिस्थितियां देखने को मिल रही थीं। वहीं लगातार पश्चिमी हवाओं से इलाके में धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थीं। शुक्रवार को जैसे ही राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन कमजोर पड़ा वैसे ही हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में दक्षिणी पूर्वी मानसून हवाओं से इलाके में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। मानसून सीजन के अंतिम चरण में एक बार फिर से मानसूनी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं, क्योंकि आज शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी पर एक नया लो प्रेशर एरिया बन चुका है। साथ ही राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन कमजोर पड़ गया है और पश्चिमी हवाओं के स्थान पर दक्षिणी पूर्वी मानसून हवाओं का आगाज से हों गया है। जो पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान पर मौजूद हैं, वह 12 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर पहुंच जाएगा। इसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में कहीं-कहीं बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही। कुल मिलाकर हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में एक बार फिर से मौसम में बदलाव बादलों की आवाजाही के साथ 12-17 सितंबर के दौरान लगातार मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा।16 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से लगातार मौसम परिवर्तन शील बना रहेगा। इस दौरान बिखराव वाली मानसून गतिविधियां का अंतिम स्पैल से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून गतिविधियों से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।