बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की स्वयंसेविकाओं ने रावण के प्रतीकात्मक रूप के माध्यम से समाज में व्याप्त दस बुराइयों का दहन कर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में दहेज प्रथा, बेरोजगारी, कन्या भ्रूण हत्या, प्रदूषण, नशाखोरी, अशिक्षा, प्लास्टिक का उपयोग, वन कटाई, अंधविश्वास और अन्य सामाजिक कुरीतियों को रावण के दस सिरों के रूप में दर्शाया गया। स्वयंसेविकाओं ने इन बुराइयों को समाप्त करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर और समाज में मौजूद बुराइयों को मिटाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आओ मिलकर समाज की बुराइयों को मिटाएं और अच्छाई की नई ज्योति जलाएं। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के प्रसार, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी सामाजिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण वाहक है। प्रत्येक व्यक्ति यदि एक बुराई को समाप्त करने का संकल्प ले, तो समाज को अधिक शिक्षित, स्वच्छ, सुरक्षित और संवेदनशील बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने संदेश दिया कि बुराई पर अच्छाई की वास्तविक विजय तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए प्रयास करे।